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पंधेर को मिलेगी हत्या में क्लीन चिट!

Jan 07, 02:18 am
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सुरेंद्र प्रसाद सिंह, नई दिल्ली। बच्चों की जघन्य हत्याओं से जुड़े बहुचर्चित निठारी कांड में जल्दी ही कुछ चौंकाने वाले तथ्यों का खुलासा होने वाला है। नोएडा की जिस 'खूनी कोठी' में बच्चों व महिलाओं की हत्याओं का सिलसिला महीनों चला, उसके मालिक मोनिंदर सिंह पंधेर के खिलाफ सीबीआई के पास कोई पुख्ता सुबूत नहीं है। जांच एजेंसी की रिपोर्ट की मानें तो पंधेर हत्या के मामले में लगभग निर्दोष है।

खुफिया सूत्रों के अनुसार निठारी मामले की जांच कर रही सीबीआई अब तक 16 मामलों में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है, जिनमें पंधेर के खिलाफ कोई मामला नहीं बना है। जबकि तीन अन्य मामलों में जल्दी ही चार्जशीट दाखिल होने वाली है। सूत्रों की मानें तो उनमें पंधेर के खिलाफ कोई पुख्ता सबूत हाथ नहीं लगा है। पूरे मामले की तहकीकात से जुड़े एक उच्चाधिकारी के अनुसार लगभग एक दर्जन अलग-अलग तरह की वैज्ञानिक जांच की रिपोर्ट में पंधेर के खिलाफ कोई भी सुराग हाथ नहीं आया है।

सीबीआई सूत्रों के अनुसार पंधेर को सिर्फ एक चार्जशीट में अभियुक्त बनाया गया है, लेकिन मामला हत्या अंथवा आदमखोरी का नहीं बना है। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम और वेश्यावृत्ति का आरोप लगाया गया है। यह आरोप भी पायल नाम की लड़की की गुमशुदगी से जुड़ा है, जिसकी बाद में निठारी के मुख्य अभियुक्त सुरेंद्र कोली ने हत्या कर दी थी। हालांकि सीबीआई ने आने वाली तीन चार्जशीटों को आधार बनाकर पंधेर को गिरफ्तार जरूर कर रखा है, लेकिन उन मामलों में भी कोई खास दम नहीं है।

सीबीआई ने अपनी जांच में पायल को कालगर्ल बताया है, जो पंधेर के बुलावे पर उसके यहां सालों से आती रही। जांच रिपोर्ट के मुताबिक दरअसल, निठारी का मुख्य अभियुक्त कोली एक खास तरह की बीमारी से पीड़ित था, जिसमें वह लाशों के साथ यौन संबंध बनाने के साथ उनके मांस को पकाकर खाता भी था। सीबीआई ने इसे साबित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर की वैज्ञानिक सलाहकारों की मदद भी ली है।

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