परिवार की चाहत कराती है पुनर्विवाह

 
Jan 07, 02:19 am

ओमप्रकाश तिवारी, मुंबई। कहते हैं किसी भी व्यक्ति के लिए बचपन में मां का, जवानी में पैसे का और बुढ़ापे में जीवनसाथी का सहारा महलवपूर्ण होता है। यह कहावत पुनर्विवाह के एक पोर्टल सेकेंडशादी.काम द्वारा किए गए आनलाइन सर्वेक्षण में हूबहू साबित होती दिखाई दे रही है ।

करीब एक हजार लोगों पर किए गए इस सर्वेक्षण में 53 प्रतिशत लोगों ने माना है कि वे अपनी इच्छा से अपना परिवार बसाने के लिए पुन: विवाह करना चाहते हैं। जबकि 38 प्रतिशत का कहना है कि आसपास के शादीशुदा लोगों को देखकर उन्हें भी शादी करने की इच्छा हुई, इसलिए वे पुन: शादी करना चाहते हैं। सर्वेक्षण में सिर्फ तीन प्रतिशत लोग ऐसे पाए गए जो आर्थिक सुरक्षा के लिए पुनर्विवाह करना चाहते थे। सर्वेक्षणकर्ताओं के अनुसार इस तीन प्रतिशत में अधिक संख्या महिलाओं की थी। अपना घर बसाने की इच्छा रखनेवालों में पति या पत्नी की चाहत के साथ-साथ बच्चे की चाहत भी शामिल है। यह सर्वेक्षण अलगाव एवं पुनर्विवाह के सामान्य कारणों को जानने के उद्देश्य से किया गया था ।

इस सर्वेक्षण में पुनर्विवाह के लिए आगे आने वालों में 36 प्रतिशत लोग ऐसे हैं, जो अपने पहले विवाहित जोड़े से तलाक लेकर पुनर्विवाह करना चाहते हैं। जबकि 21 प्रतिशत लोग निधन जैसी स्थितियों के बाद अपना घर फिर से बसाना चाहते हैं। जो लोग अपने जोड़े से तलाक लेकर पुनर्विवाह करना चाहते हैं, ंवे यह भी मानते हैं कि अपने पहले जोड़े के साथ भावनात्मक समतुल्यता न होने के कारण उनका तलाक हुआ। इसलिए वे पुनर्विवाह की स्थिति में इस कमी को दूर रखना चाहते हैं। तलाक के कारणों में परिवार के अन्य सदस्यों तथा सास-ससुर से मतभिन्नता, शारीरिक संतुष्टि एवं कैरियर इत्यादि का प्रतिशत बहुत कम रहा है।




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