नई दिल्ली। देश के तमाम अखबारों और समाचार चैनलों की तरह हिंदी ब्लॉग जगत पर भी चुनाव का बुखार चढ़ चुका है।
चुनाव से जुड़ी तमाम जानकारियां ब्लॉगर पाठकों तक पहुंचा रहे है। एक ब्लॉगर बता रहा है कि लोकसभा चुनाव में अगर आपके क्षेत्र में ऐसे उम्मीदवार है, जिन्हे आप अपने प्रतिनिधित्व के लायक नहीं समझते है तो आप उसे अस्वीकार भी कर सकते है।
निर्वाचन आयोग बकायदा प्रत्येक बूथ पर ऐसी व्यवस्था करता है कि लोग मतदान पत्र पर अंकित उम्मीदवारों को अस्वीकृत कर सकते है। पिछले कई चुनावों से ऐसी व्यवस्था है लेकिन इसका विशेष प्रचार-प्रसार नहीं हो सका है, लेकिन अब इसका जिम्मा ब्लॉग ने उठा लिया है। 'अनुराग हर्ष' नामक ब्लॉग पर इस संबंध में एक पोस्ट है, जिसमें बताया गया है कि आप कैसे उम्मीदवार को अस्वीकार कर सकते है।
पोस्ट में लिखा है कि जब आप मतदान करने जाते है और आप कहते है कि इनमें से मुझे किसी को वोट नहीं देना है, ऐसा करने पर मतदान केंद्र पर तैनात अधिकारी वहां रखे एक रजिस्टर पर आपका नाम अंकित कर लेगा। मतगणना के दौरान यह स्पष्ट हो जाएगा कि आपके क्षेत्र में कितने लोगों ने मतदान करने से इनकार कर दिया, यानि उम्मीदवार उन्हे पसंद नहीं थे। निर्वाचन आयोग के नियम 49 [ओ] के तहत ऐसी व्यवस्था है।
ऐसी पोस्ट के अलावा ब्लॉग की दुनिया में विभिन्न राजनीतिक दलों की स्थिति के बारे में भी चर्चा की जा रही है। 'विस्फोट डॉट कॉम' में पश्चिम बंगाल की सियासी माहौल पर 'बंगाल में अग्निपरीक्षा है वामपंथियों की' नामक रिपोर्ट प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में राज्य में विभिन्न राजनीतिक दलों की स्थिति पर विशेष चर्चा की गई है। 'चाय बैठकी' नामक ब्लॉग में कांग्रेस के घोषणा पत्र पर पोस्ट की गई है। दूसरी ओर 'प्रवक्ता डॉट कॉम' पर झारखंड के चुनावी गणित पर चर्चा की गई है। इन दिनों इस प्रकार के कई ब्लॉग सक्रिय रूप से चुनावी मुद्दों पर अपनी राय ऑनलाइन पाठकों तक पहुंचाने का काम कर रहे है।