
नई दिल्ली। भारतीय नौसेना के निगरानी पोत 'निर्देशक' ने सेशेल्स तट से 240 समुद्री मील दूर नौ समुद्री लुटेरों को बंदी बनाने में कामयाबी हासिल की है। नौसेना के जांबाजों ने समुद्र में गश्त के दौरान लुटेरों को 26/27 अप्रैल की रात को उस समय पकड़ा, जब वे इटली के एक जहाज एमएस मेलोडी को अगवा करने की कोशिश कर रहे थे। इस जहाज पर चालक दल के सदस्यों सहित करीब डेढ़ हजार लोग सवार थे। इस मिशन में भारत के अलावा फ्रांसीसी और स्पेनी नौसेना भी शामिल थी।
नौसेना के एक अधिकारी के अनुसार, मेलोडी जहाज के चालक दल की ओर से मदद मांगने के बाद भारतीय नौसेना हरकत में आई। पोत 'निर्देशक' से चेतक हेलीकाप्टर ने फौरन उड़ान भरी। इस दौरान भारतीय नौसेना ने उस क्षेत्र में गश्त कर रही फ्रांसीसी नौसेना अधिकारियों से भी संपर्क साध लिया, जिनका फाल्कन विमान उस वक्त उड़ान पर था। मेलोडी पर तैनात सुरक्षा बल के जवान जल दस्युओं का मुकाबला कर रहे थे। इस बीच निर्देशक सहित फ्रांसीसी और स्पेनी पोतों ने मेलोडी को अगवा कर रहे लुटेरों की चारों ओर से घेराबंदी कर दी। तीन झड़प के बाद लुटेरों को बंदी बनाया जा सका। बाद में भारतीय नौसेना ने समुद्री लुटेरों को सेशेल्स द्वीप समूह के अधिकारियों के हवाले कर दिया।
सेशेल्स सरकार के आग्रह पर भारत ने आईएनएस निर्देशक को एंटी पाइरेसी मिशन को अंजाम देने के लिए तैनात किया। सेशेल्स द्वीप समूह में तैनात निर्देशक चेतक हेलीकाप्टर और इंटरसेप्टर नौकाओं से लैस है। इस पर एक बोफोर्स तोप भी तैनात है।