कोच्चि। केरल के कोल्लम में बुधवार को 52 वर्षीय अप्रवासी भारतीय स्टैनले पेलिस की मौत स्वाइन फ्लू से नहीं बल्कि निमोनिया से हुई थी। स्वाइन फ्लू यानी इंफ्लूएंजा ए एच1एन1 वायरस की जांच में उनका नमूना निगेटिव पाया गया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी साफ किया है कि देश में अभी स्वाइन फ्लू से मौत का कोई मामला सामने नहीं आया है।
स्वास्थ्य निदेशक डाक्टर के. शैलजा ने शुक्रवार को यहां कहा कि दो हफ्ते पहले ब्रिटेन से केरल पहुंचे पेलिस की मौत निमोनिया से हुई। शैलजा के मुताबिक पेलिस वायरल बुखार से पीड़ित थे जो बाद में निमोनिया में बदल गया। उन्होंने बताया कि केरल में अब तक दो बच्चों समेत छह लोगों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है।
उधर, राजधानी में स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने उन खबरों का खंडन खंडन किया कि पेलिस की मौत स्वाइन फ्लू से हुई। अधिकारी ने बताया कि राजधानी स्थित राष्ट्रीय संचारी रोग संस्थान में पेलिस के नमूने की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई।