नई दिल्ली,जागरण ब्यूरो। रेल मंत्री ममता बनर्जी की ममता की बारिश न सिर्फ रेल कर्मचारियों, बल्कि उनके पूरे परिवार पर हुई है। रेल बजट में उन्होंने रेलवे कर्मचारियों को आवास उपलब्ध कराने के लिए वर्ष 2009-10 के दौरान ही 6560 नए क्वार्टर बनाने की घोषणा की। साथ कर्मचारियों के बच्चों को बेहतर व्यावसायिक अवसर प्रदान करने के लिए सात नर्सिग और 18 मेडिकल कालेज खोले जाएंगे। साथ ही ग्रुप डी कर्मचारियों की बच्चियों को उच्च शिक्षा का अवसर प्रदान करने के लिए रेलवे की ओर स्कालरशिप भी मिलेगा।
रेलवे कर्मचारियों के बच्चों के लिए नए विशेष रूप से मेडिकल और नर्सिग कालेजों को रेलवे की जमीन पर निजी क्षेत्र की भागीदारी के साथ खोला जाएगा। इन मेडिकल कालेजों को मौजूद रेलवे अस्पतालों से जोड़ा जाएगा। नर्सिग कालेज दिल्ली,कोलकाता,मुंबई [कल्याण], चेन्नई, सिकंदराबाद, लखनऊ और जबलपुर में खोले जाएंगे। वहीं मेडिकल कालेज चेन्नई, हैदराबाद, बिलासपुर, लखनऊ, बारासात, भुवनेश्वर, मैसूर, खड़गपुर, गुवाहाटी, डिब्रूगढ़, जोधपुर, गार्डनरीच, नागपुर, अहमदाबाद, कोलकाता, भोपाल, जम्मू और त्रिवेंद्रम में खोले जाएंगे। इसके साथ ही रेलवे के 150 से अधिक बिस्तर वाले 16 अस्पतालों में मरीजों के साथ आने वाले रेलवे कर्मचारियों के लिए अलग से ठहरने की व्यवस्था भी की जाएगी। वहीं दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, सिकंदराबाद, बेंगलूर और कोलकाता के अस्पतालों विशेष बर्न यूनिट खोले जाएंगे।
अब रेलवे कर्मचारियों को पैसे की कमी के कारण चिकित्सा सुविधा से वंचित नहीं रहना पड़ेगा। ममता बनर्जी ने घोषणा की कि रेलवे महाप्रबंधकों को अब कर्मचारियों के विशेष इलाज के लिए चार लाख रुपये तक स्वीकृत करने के अधिकार दिए जा रहे हैं। यही नहीं, ममता बनर्जी ने अपने कर्मचारियों के शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य के लिए विशेष उपाय की घोषणा की है। इसके तहत भारत-बांग्लादेश सीमा पर बोनगांव समेत सभी बड़े रेलवे स्टेशनों और जोनों में रेलवे इनडोर स्टेडियम बनाए जाएंगे। साथ ही रेल बजट में कर्मचारी लाभ निधि में 350 रुपये प्रति कर्मचारी का बढ़ा हुआ अंशदान एक और साल के लिए बढ़ा दिया गया है। इसमें से सौ रुपये प्रति कर्मचारी महिला सशक्तिकरण, शारीरिक व मानसिक रूप से विकलांग आश्रितों, व उनकी लड़कियों को व्यावसायिक प्रशिक्षण व उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए होंगे। इसके अलावा ममता बनर्जी ने रेलवे की भर्तियों में अल्पसंख्यकों, महिलाओं, आर्थिक रुप से पिछड़ों को बेहतर प्रतिनिधित्व देने की योजना बनाने का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति व जनजाति और विकलांग कोटा की रिक्तियों को भरने के लिए विशेष भर्ती अभियान भी चलाया जाएगा। रेलवे भर्ती बोर्डो के खिलाफ बढ़ती शिकायतों को दूर करने के लिए ममता बनर्जी ने उनके कामकाज की समीक्षा कराने की घोषणा की है।