नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। रेल मंत्री ममता बनर्जी ने सफर शुरू करने से पहले की 'मुश्किलों को आसान' बनाने की कोशिश की है। शुक्रवार को पेश रेल बजट में उन्होंने दो सौ शहरों में कंप्यूटरीकृत रेल आरक्षण सुविधा का विस्तार किए जाने की घोषणा की है। यात्रा टिकट चुनिंदा डाकघरों और मोबाइल वैन से भी खरीदे जा सकते हैं। तत्काल आरक्षण की अवधि पांच दिन पूर्व से घटा कर दो दिन पूर्व कर दी गई है। इसके लिए अब शुल्क भी 150 रुपये की जगह सौ रुपये ही चुकाना होगा।
सामान्य दर्जे की अनारक्षित टिकट के लिए स्वचालित वेंडिंग मशीनें लगाई जाएंगी। इससे काउंटर पर लाइन लगाने के बजाय यात्री सीधे मशीन से टिकट निकाल सकेंगे। वेंडिंग मशीनें बड़े और मंझोले किस्म के स्टेशनों पर लगाई जाएंगी।
ई-टिकटिंग का और विस्तार किया जायेगा। इससे संबंधित नियमों में कई बदलाव के प्रस्ताव हैं। चार्ट बन जाने के बाद कन्फर्म्ड ई-टिकटों को रद करने की प्रक्रिया आसान बनाई जाएगी।
रेल टिकट आरक्षण प्रणाली फिलहाल 800 शहरों में कार्य कर रही है, जहां 6872 टर्मिनलों पर आरक्षण दिया जा रहा है। यह सुविधा अब 200 अन्य शहरों के लोगों को भी मिलेगी। रेल मंत्री बनर्जी ने संसद सदस्यों से उनकी पसंद के और शहरों के नाम भी मांगे हैं, जहां यह सुविधा शुरू की जा सके। अनारक्षित टिकटों के लिए अभी पांच हजार टर्मिनलों पर काम हो रहा है। इसे बढ़ा कर आठ हजार किए जाने का प्रस्ताव है। चालू वित्त वर्ष खत्म होने तक आरक्षण टिकटों की पूरी व सटीक जानकारी एसएमएस के जरिये तत्काल मिलने लगेगी।
शहरों के पांच हजार डाकघरों से कंप्यूटरीकृत टिकट बेचने का भी प्रस्ताव है। गांव के लोगों को भी आरक्षित व अनारक्षित टिकट खरीदने के लिए अब स्टेशन नहीं जाना होगा। उन्हें 'मुश्किल आसान' योजना का लाभ देते हुए उनके लिए मोबाइल टिकट वैन चलाई जाएगी। चालू वित्त वर्ष में 50 मोबाइल वैन चलाने की योजना है।