
नई दिल्ली। सदी के महानायक अमिताभ बच्चन ने अपने जीवन में यूं तो न जाने कितनी उपलब्धियां हासिल की हैं, लेकिन एक ख्वाहिश उनकी भी ऐसी है जो अभी तक पूरी नहीं हो सकी।
दरअसल, बिग बी फिल्मों से इतर मीडिया के कामकाज और इसकी बारीकियों को समझना चाहते हैं। वह जानना चाहते हैं कि मीडिया भला किस तरह खुद को लोगों की रुचि से हर रोज जोड़े रख पाता है। अमिताभ ने अपने ब्लाग लिखा है कि मैंने कई बार मीडिया हाउसों के प्रमुखों से निवेदन किया कि मैं उनके यहां सुबह होने वाली संपादकीय बैठक में एक दर्शक की हैसियत से हिस्सा लेना चाहता हूं, लेकिन बार-बार के वादों के बाद भी मुझे आज तक किसी ने मौका नहीं दिया। वह लिखते हैं, 'मैं एक बार उस मनोविज्ञान और समझदारी से भरे फैसलों को करीब से देखना व समझना चाहता हूं। मैं समझना चाहता हूं कि वे किस तरह तय करते हैं कि क्या, कहां और कितना छापा जाए ताकि लोगों को जोड़े रखा जा सके।'
मुझे लगता है इन बैठकों में जबरदस्त मनोविज्ञान और समझदारी काम करती होगी। अपनी निजी जानकारी के लिए ऐसी किसी बैठक में भाग लेने की मेरी बहुत इच्छा है। मीडिया के पास इस बात का निर्णय लेने की गजब की ताकत होती है कि लोग किस चीज को रुचि से पढ़ेंगे। यह मुझमें बहुत कौतूहल पैदा करता है। मुझे आशा है कि एक न एक दिन किसी भी तरह मैं ऐसी किसी बैठक में जरूर शामिल हो सकूंगा।