बीमारियों को बुलावा है प्रोटीन रहित भोजन करना

 
Oct 20, 07:58 pm

नई दिल्ली [जागरण न्यूज नेटवर्क]। हमारा शरीर प्रोटीन से मिलकर बना होता है। शरीर में कोशिकाओं का निर्माण हो या टूट-फूट में सुधार, इन सबमें प्रोटीन की भूमिका अहम होती है। विशेषज्ञ भी प्रोटीनयुक्त भोजन करने पर ही जोर देते हैं। आज हम आपको प्रोटीन के बारे में विस्तार से जानकारी दे रहे हैं :

क्या है प्रोटीन

प्रोटीन खोजा गया वह पहला पदार्थ था जिसे जीवन के लिए जरूरी बताया गया था। प्रोटीन ग्रीक भाषा के शब्द प्रोटिओस से बना है। इसका मतलब होता है 'प्राथमिक' या 'पहले स्थान पर आने वाला'। प्रोटीन अलग-अलग एमीनो एसिड्स से बने जटिल अणु होते हैं। एमीनो एसिड्स कार्बन, हाइड्रोजन, आक्सीजन, नाइट्रोजन व सल्फर से बने यौगिक होते हैं। यही नहीं प्रोटीन को भोजन का जरूरी अंग इसलिए माना जाता है क्योंकि इससे एमीनो एसिड्स प्राप्त होते हैं। इन्हीं एमीनो एसिड्स से शरीर स्वत: प्रोटीनों का निर्माण करता है।

क्या काम करता है प्रोटीन

कार्बोहाइड्रेट व वसा की गैर-मौजूदगी में प्रोटीन ही शरीर को ऊर्जा देने का काम करता है। देखा जाए तो हमारे शरीर में प्रोटीन कई तरह से काम करता है।

क्रियात्मक प्रोटीन का निर्माण

शरीर में मायोसिन, एक्टिन, कोलेजन, इलास्टिन और केराटिन जैसे कई प्रोटीनों का निर्माण होता है जो मांसपेशियों को मजबूती देने के अलावा कनेक्टिव टिश्यू [मांसपेशियों को जोड़ने वाले ऊतक- लिगामेंट व टेंडन], बालों, त्वचा व नाखूनों की वृद्धि में सहायक होते हैं।

एंजाइम्स व हार्मोनों के बनने में सहायक

-शरीर में रासायनिक प्रक्रिया से बनने वाले सभी एंजाइम्स प्रोटीनों से बने होते हैं। इसके अलावा शुगर को नियंत्रित करने वाले हार्मोन जैसे इंसुलिन, ग्लूकोजन व थाइरायड हार्मोनों का निर्माण प्रोटीन से ही होता है।

इसके अलावा प्रोटीन शरीर के अंगों जैसे ऊतकों तक आवश्यक खनिज-लवण ले जाने में सहायक होते हैं। यही नहीं प्रतिरक्षा तंत्र में अहम भूमिका निभाने वाले एंडीबाडीज का निर्माण भी प्रोटीन से होता है।

घातक हो सकती है प्रोटीन की कमी

बच्चे हो या बड़े, भोजन में प्रोटीन की कमी शरीर के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है। प्रोटीन की कमी के चलते मेरास्मस और क्वाशियोरकर जैसी बीमारियां हो जाती हैं। किसी भी आयुवर्ग में होने वाली मेरास्मस बीमारी कम खाने के चलते हो जाती है। वजन में कमी, मांसपेशियों में क्षरण, कमजोरी, थकान व हमेशा संक्रमण का बने रहना इसके प्रमुख लक्षण हैं। चार साल से कम उम्र के बच्चों को होने वाली क्वाशियोरकर बीमारी भोजन में कार्बोहाइड्रेट की अधिकता व प्रोटीन की कमी से होती है।

प्रोटीन के प्रमुख स्रोत

दालें, मटर, अंडा, दूध, चिकन, पालक, मशरूम, सोयाबीन, फूल गोभी, साल्मन मछली, गोश्त, सभी सब्जियां व अनाजों में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है।




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