
नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। पारदर्शिता के लिए बढ़े चौतरफा दबाव के बाद सुप्रीम कोर्ट के जजों ने सोमवार को आखिरकार अपनी संपत्तिकी घोषणा कर दी। स्वेच्छा से की गई इस घोषणा में न्यायाधीशों ने अपनी व अपने जीवनसाथी की चल-अचल संपत्तिका ब्यौरा दिया है। सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर दिए गए ब्यौरे में लगभग सभी न्यायाधीशों ने अपने बैंक खातों का जिक्र किया है, लेकिन मुख्य न्यायाधीश ने ऐसा नहीं किया है। मुख्य न्यायाधीश के.जी. बालाकृष्णन ने यह तो कहा है कि उनके पास कोई फिक्स डिपाजिट नहीं है, पर बैंक खातों में कितनी रकम है, इसका कोई जिक्र नहीं किया है।
न्यायाधीश बी.एन. अग्रवाल ने सेवानिवृत्तिके बाद भी विशेष अनुरोध करके अपनी संपत्तिका ब्यौरा शामिल कराया है। ज्यादतर जजों के पास छोटी कारें हैं तो नौ जजों के पास कार ही नहीं है। जस्टिस सत्शिवम के पास मोटरसाइकिल है।
ज्यादातर जजों के पास लाखों का बैंक बैलेंस और देश की नामी गिरामी कंपनियों के शेयर हैं लेकिन मुख्य न्यायाधीश ने न तो शेयरों में निवेश किया है और न ही उनका और उनकी पत्नी निर्मला बालाकृष्णन का कोई फिक्स डिपाजिट है। मुख्य न्यायाधीश के नाम उनके केरल स्थित त्रिक्कारा के गांव में घर है तथा उनकी पत्नी के नाम कोट्टायम में 68 सेंट जमीन है जिसकी कीमत नहीं बताई गई है। मुख्य न्यायाधीश के संपत्तिब्यौरे में एरनाकुलम में पौने छह लाख का रिहायशी फ्लैट, फरीदाबाद में 444.44 वर्ग गज का साढ़े चार लाख रुपये का भूखंड, एरनाकुलम जिले में ही 4 लाख 33 हजार 600 रुपये कीमत की जमीन तथा वाइकोम तालुका में साढ़े तीन लाख कीमत की पारिवारिक संपत्तिका जिक्र किया गया है। इसके अलावा 20 सोने के सिक्कों के बराबर स्वर्ण आभूषण तथा 2000 माडल की एक सेंट्रो कार का भी जिक्र किया गया है।
सुप्रीमकोर्ट में दूसरे नंबर के सबसे वरिष्ठ जज जस्टिस एस.एच. कपाड़िया के पास कोई वाहन नहीं है। उन्होंने साढ़े 22 लाख और उनकी पत्नी ने साढ़े 19 लाख रुपये शेयर में जरूर निवेश कर रखे हैं। उनके 1,80,000 रुपये म्यूचुअल फंड में निवेश किए हुए हैं, जबकि 3,85,000 का फिक्स डिपाजिट भी करवा रखा है। उनके पीपीएफ खाते में भी साढ़े 12 लाख रुपये हैं। जस्टिस कपाड़िया की पत्नी के नाम भी साढ़े 19 लाख रुपये के शेयर, डेढ़ लाख रुपये म्यूचुअल फंड में, 2.60 लाख रुपये फिक्स डिपाजिट तथा नौ लाख रुपये पीपीएफ खाते में जमा हैं। दोनों ही लोगों के पास लाखों के आभूषण हैं और कोई भी कर्ज या देनदारी नहीं है। जस्टिस कपाड़िया के पास मुंबई में फ्लैट भी है।
जस्टिस तरुण चटर्जी के पास टवेरा व हांडा सिविक, दो कारें हैं। सिविक का अभी 7,55,445 रुपये का कर्ज बकाया है।
सुप्रीम कोर्ट के सभी जजों ने सोमवार को वेबसाइट - डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डाट सुप्रीम कोर्ट आफ इंडिया डाट निक डाट इन - पर अपनी संपत्तिका ब्यौरा डाल दिया। जनता इस वेबसाइट पर जाकर यह ब्यौरा देख सकती है। हालांकि वेबसाइट पर दिया गया लिंक खोलने में काफी परेशानी हुई।