
नई दिल्ली [नीलू रंजन]। केंद्रीय जांच एजेंसियां झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा के चारों ओर सबूतों की ऐसी मजबूत दीवार खड़ी कर रही हैं, जिससे पार पाना उनके लिए मुश्किल साबित हो सकता है। खासकर आयकर विभाग के छापे के दौरान मिले दस्तावेजों के बाद जांच एजेंसियों के हौसले बुलंद हैं। इन दस्तावेजों से जहां एक ओर झारखंड के सतर्कता विभाग द्वारा कोड़ा के खिलाफ दर्ज मूल केस मजबूत हो गया है, वहीं मनी लांड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय को भी अहम सबूत मिले हैं। इसके अलावा विदेशी मुद्रा प्रबंधन कानून [फेमा] के तहत कोड़ा के खिलाफ कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है।
मधु कोड़ा के मामले की जांच से जुड़े आयकर विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने प्रवर्तन निदेशालय के इस दावे का समर्थन किया कि संजय चौधरी और बिनोद सिन्हा के नाम पर निवेश किए गए अरबों रुपये दरअसल मधु कोड़ा के ही है। उन्होंने कहा कि छापे के दौरान मिले दस्तावेजों से इसकी पुष्टि होती है। उन्होंने कहा कि इनमें अधिकांश संपत्तियां इन दोनों ने मधु कोड़ा के मंत्री और मुख्यमंत्री रहने के दौरान बनाई।
छापे में कोड़ा के साथ सिन्हा व चौधरी के बीच लेन-देन के साक्ष्य प्रवर्तन निदेशालय के मनी लांड्रिंग [अवैध पैसे के वैध बनाने] रोकने के कानून के तहत दर्ज मुकदमे के लिए अकाट्य सबूत साबित हो सकते हैं। गौरतलब है कि मनी लांड्रिंग रोकने के कानून के तहत यदि बिनोद सिन्हा और संजय चौधरी के नाम पर कोड़ा के एक भी निवेश का सबूत मिल जाता है तो इन दोनों के नाम पर बनी तमाम संपत्तियों को मधु कोड़ा का ही माना जाएगा। जाहिर है नए सबूतों के बाद मधु कोड़ा के लिए प्रवर्तन निदेशालय के सवालों का जबाव देना मुश्किल होगा।
इसके अलावा हवाला के जरिए विदेश में 400 करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश के मिले सबूतों के आधार पर मधु कोड़ा के खिलाफ मनी लांड्रिंग रोकने के कानून के साथ-साथ विदेशी मुद्रा प्रबंधन कानून [फेमा] के तहत भी कार्रवाई हो सकती है। प्रवर्तन निदेशालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इस पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अकेले मुंबई में तीन हवाला कारोबारियों के जरिए 400 करोड़ रुपये से ज्यादा के विदेशों में निवेश के सबूत मिल चुके हैं। यही नहीं, बताया जाता है कि इन कारोबारियों ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि हवाला के जरिये विदेश भेजे गए पैसे मधु कोड़ा के ही थे।
तीसरे दिन भी जारी रहा तलाशी अभियान
रांची, जागरण संवाददाता। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा व उनके करीबियों पर आयकर विभाग की कार्रवाई लगातार तीसरे दिन सोमवार को भी जारी रही। मुंबई, जमशेदपुर व रांची में कई नए ठिकानों पर आयकर अधिकारियों ने कोड़ा के खजाने की थाह लेने के लिए तलाशी ली। रोज हो रहे नए खुलासों के मद्देनजर आयकर महानिदेशक [अनुसंधान] अंजनी कुमार भी रांची पहुंच चुके हैं।
सूत्र बताते हैं कि मुंबई में बालाजी ग्रुप आफ कंपनीज के अलावा कुछ अन्य स्थानों पर भी सोमवार को तलाशी ली गई। रांची में मधु कोड़ा व उनके सहयोगियों से पूछताछ का दौर तीसरे दिन भी जारी रहा। जमशेदपुर व रांची में कुछ नए स्थानों पर आयकर अधिकारियों ने कोड़ा एंड के कंपनी की संपत्ति की थाह ली। शाम छह बजे आयकर महानिदेशक अंजनी कुमार और निदेशक उज्जवल चौधरी ने रांची में स्वयं उन स्थानों का दौरा किया, जहां आयकर का तलाशी अभियान जारी है। आयकर विभाग को मधुकोड़ा के करीबी माने जाने वाले विनोद सिन्हा व संजय चौधरी का अब तक कुछ पता नहीं चल सका है।