
नई दिल्ली। अंबानी बंधुओं के बीच चल रहे गैस विवाद की सुनवाई कर रही पीठ से सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश आर वी रवींद्रन ने किनारा कर लिया है।
न्यायमूर्ति आर वी रवींद्रन ने नाटकीय तौर पर यह कहते हुए इस मामले से अपने को अलग कर लिया है कि उनकी बेटी रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रमुख मुकेश अंबानी समूह के लिए काम कर रही एक वकीलों की एक फर्म के साथ जुड़ी है। अब गुरुवार को एक नई पीठ का गठन किया जाएगा जो मुकेश की आरआईएल और अनिल समूह की कंपनी आरएनआरएल के बीच केजी-डी 6 बेसिन की गैस के मूल्य से जुड़े मामलों की सुनवाई करेगी।
न्यायमूर्ति रवींद्रन ने कहा कि उन्हें अपनी बेटी की फर्म और मुकेश अंबानी समूह के संबंध का पता मंगलवार को ही चला। उन्होंने इसके कारण न्यायालय के समय के नुकसान पर खेद जताया है। रवींद्रन ने इस मामले में कहा कि मैं इस मामले की सुनवाई से हाथ खींच रहा हूं क्योंकि मुझे कल ही पता चला कि मेरी बेटी कानूनी परामर्श देने वाली उस कंपनी से जुड़ी है जो मुकेश अंबानी समूह को वैश्विक अधिग्रहणों से जुड़े अन्य मामलों में सलाह दे रही है।
न्यायमूर्ति रवींद्रन के सुनवाई से अलग जाने के अनुरोध के बाद मुख्य न्यायाधीश के जी बालकृष्णन ने इस मामले की आगे की सुनवाई स्थगित कर दिया। वह अब एक नई पीठ का गठन करेंगे जो इस मामले की नए सिरे से सुनवाई करेगी।
आरएनआरएल अंबानी परिवार में बंटवारे के समय दोनों भाइयों में हुए करार के आधर पर आरआईएल से सरकार द्वारा तय मूल्य के 44 फीसद कम भाव पर गैस मांग रही है। आरआईएल ने कहा कि वह सरकारी मूल्य निर्धारण और गैस नीति के कारण 2005 में हुए पारिवारिक समझौते में की गई प्रतिबद्धता को पूरा नहीं कर सकती है। न्यायमूर्ति रवींद्रन ने कहा कि मसला यह है कि मेरी बेटी उस कंपनी से जुड़ी है जो अन्य परियोजना में कंपनी को सलाह दे रही है और मैं इस मामले की सुनवाई नहीं करना चाहूंगा। उन्होंने कहा कि मेरी मंशा साफ है, मुझे लगता है कि न्याय सिर्फ किया नहीं जाना चाहिए बल्कि यह [न्याय] होता हुआ दिखना भी चाहिए। यही न्यायालय की परंपरा है।
रवींद्रन ने कहा कि मुझे अफसोस है कि न्यायालय का बेशकीमती समय बर्बाद हुआ, अच्छा होता कि कोई इस मसले को पहले हमारे सामने लाता कि मेरी बेटी का संबंध इस कंपनी से है।
न्यायमूर्ति रवींद्रन ने यह भी कहा कि अब तक सिर्फ आरआईएल की दलील दे रही थी आरएनआरएल ने अपनी दलील नहीं रखी है इसलिए सुनवाई से अपने आपको अलग करने में मुझे अधिक देर नहीं हुई है।
मुकेश अंबानी समूह की ओर से पेश हो रहे हरीश साल्वे और अनिल अंबानी समूह की आरएनआरएल की ओर से दलील दे रहे राम जेठमलानी ने न्यायमूर्ति रवींद्रन से अपील की कि वह मामले की सुनवाई जारी रखें लेकिन उन्होंने ऐसा करने से इनकार किया।