
जयपुर। जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में लश्कर-ए-तैयबा के स्वयंभू कमांडर अबू ओसामा को मार गिराने वाली रूखसाना कौसर ने कहा कि मैं सेंट्रल फोर्स [केंद्रीय सुरक्षा बल] में नौकरी करना चाहती हूं। मैं वहां ज्यादा बेहतर देश सेवा कर सकती हूं।
अपने परिवार के सदस्यों के साथ अजमेर स्थित विश्व विख्यात सूफी संत ख्वाजा मोइनुदिन चिश्ती की मजार पर जियारत करने के बाद जयपुर में बुधवार को एक समारोह में शामिल होने आई रूखसाना ने यह बात कही।
जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा विशेष पुलिस अधिकारी के पद पर तीन हजार रुपये पगार वाली नौकरी ठुकरा चुकी रूखसाना ने कहा कि हर पल मौत हमारा पीछा कर रही है। हमें मालूम नहीं है कि आगे क्या होगा, लेकिन यह पक्का है कि आतंकियों का मुकाबला हर इंसान को करना है, जैसा मैंने किया।
रूखसाना ने कहा कि आतंकी अबू ओसामा को मारने के बाद मुझे व मेरे परिवार पर हर समय खतरा मंडरा रहा है, लेकिन मैं इससे डर नहीं रही हूं। उसने कहा कि घर में कमाने वाला कोई नहीं होने के कारण मैं चाहती हूं कि मेरे भाई पढ़े, जिससे आगे चलकर घर का गुजारा चल सके। आतंकवाद विरोधी मोर्चा के अध्यक्ष एस एस बिट्टा ने इस मौके पर कहा कि आतंकियों से लड़ने का जज्बा जो रूखसाना और उसके परिवार ने दिखाया है वह बधाई के पात्र है। हर व्यक्ति को रूखसाना और उसके परिवार से शिक्षा लेकर आतंकियों को सबक सिखाना होगा।
जयपुर के एक संस्थान ने रूखसाना को रानी झांसी का सममान दिया। सम्मान के रूप में तलवार और नकद राशि दी गई। रूखसाना के साथ उसके परिजन भी साथ थे। गौरतलब है कि रूखसाना ने गत 27 सितंबर को राजौरी जिले में अपने घर घुस आए आतंकियों से लोहा लेते हुए लश्कर-ए-तैयबा के स्वयंभू कमांडर अबू ओसामा को मार गिराया था।