
दावकी [मेघालय]। भारत और बांग्लादेश में उल्फा उग्रवादियों की धरपकड़ के लिए छेड़े गए व्यापक अभियान में बड़ी कामयाबी मिली है। बांग्लादेश ने भारत में वांछित उल्फा के दो शीर्ष उग्रवादियों को अपनी सरजमीं पर पकड़ कर सीमा सुरक्षा बल [बीएसएफ] के हवाले कर दिया।
खुफिया सूत्रों ने यहां बताया कि बांग्लादेशी सुरक्षाबलों ने बुधवार रात उल्फा के स्वयंभू विदेश सचिव सशधर चौधरी और वित्ता सचिव चित्रबन हजारिका को त्रिपुरा में भारत-बांग्लादेश सीमा पर स्थित गोकुलनगर इलाके में धकेल दिया और बीएसएफ ने उन्हें हिरासत में ले लिया। लेकिन, बीएसएफ अधिकारियों का कहना है कि उल्फा की अंदरूनी लड़ाई के चलते ढाका से भागे इन उग्रवादियों ने अर्धसैनिक बल के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।
सूत्रों का कहना है कि बांग्लादेश के सुरक्षा बलों ने इन दोनों को रविवार रात ढाका से पकड़ा था। भारत के साथ शेख हसीना सरकार के 'अच्छे रिश्तों' के चलते ही बाद में दोनों को बीएसएफ के हवाले कर दिया गया। उल्लेखनीय है कि भारत और बांग्लादेश के बीच कोई प्रत्यर्पण संधि नहीं है। वांछित अपराधियों को एक-दूसरे को सौंपने को लेकर दोनों देशों में हमेशा ही खींचतान चलती रहती है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण उल्फा महासचिव अनूप चेतिया है। उसे 1997 में ढाका में गिरफ्तार किया गया था। लेकिन, कानूनी पेचीदगियों के चलते अब तक भारत को नहीं सौंपा गया है।
खुफिया सूत्रों के मुताबिक बांग्लादेश के सुरक्षा बलों ने हाल ही में उल्फा के कई ठिकानों पर छापे मारे, जिससे इस संगठन से जुड़े लोग बांग्लादेश से भाग रहे हैं। उल्फा ने भी दावा किया है कि सादे कपड़ों में आए कुछ अज्ञात व्यक्ति चौधरी और हजारिका को ढाका के पाश इलाके में स्थित एक मकान से उठा ले गए थे। इनमें से एक इस मकान में अपने परिवार के साथ रह रहा था। बहरहाल, बीएसएफ अधिकारियों का कहना है कि दोनों को जल्द ही असम पुलिस को सौंप दिया जाएगा। असम में दोनों के खिलाफ कई मामले लंबित हैं।