पतियों के इंतजार में हैं नंदीग्राम की महिलाएं

 
Nov 07, 09:57 pm

नंदीग्राम। विशेष आर्थिक जोन [सेज] के लिए भूमि अधिग्रहण के खिलाफ पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम में हुए संग्राम से भले ही कई नेताओं की तकदीर चमक गई हो। लेकिन इस आंदोलन की पृष्ठभूमि में खड़े रहने वाले कई लोगों के घरों में आज भी अंधेरा छाया हुआ है। आंदोलन के दौरान अधिग्रहण समर्थक माकपाइयों के हमले में नंदीग्राम के एक दर्जन ऐसे लोग गायब हैं, जिनका आज तक पता नहीं चल पा रहा है। लेकिन उनकी पत्नियों को आज भी अपने पतियों के लौटने का इंतजार है।

दो वर्ष पहले 11 नवंबर को नंदीग्राम में आयोजित कृषि भूमि अधिग्रहण विरोधी रैली में भाग लेने के लिए दक्षिण खली जलपाई गांव का भागीरथ माइती भी गया था। वह आज तक नहीं लौटा। वह उन 500 लोगों में शामिल था, जिन्हें माओवादी समर्थक गांव खेजुरी में अगवा कर लिया गया था। अगवा बाकी लोग घर लौट आए। लेकिन भागीरथ की पत्‍‌नी सुषमा को अपना पति उनके बीच नहीं दिखा। उसे आज भी भरोसा है कि उसका भागीरथ घर जरूर लौट कर आएगा। इसीलिए वह अभी भी सिंदूर लगाती और शंख से बनी चूड़ियां पहनती है। विधवा महिलाएं दोनों चीजों का इस्तेमाल नहीं करती हैं। उस दिन की याद करते हुए सुषमा कहती है कि खाना बनाने में देर हो गई। भागीरथ बोल कर गया कि शाम को लौट कर खाना खा लेगा, लेकिन वह नहीं लौटा। तब से सुषमा की सूनी आंखे उस राह की ओर लगी हुई है, जिससे भागीरथ रैली में भाग लेने गया था। सुषमा के दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। आंगनबाड़ी में खाना बनाकर वह किसी तरह अपने बच्चों को पेट पालती है। लेकिन यह नौकरी स्थायी नहीं है। वह चिंतित है कि अगर काम भी छूट गया तो वह कैसे घर का खर्च चलाएगी।

दुर्गा रानी का पति भी उसी दिन से गायब है। वह रिक्शा चलाकर अपने परिवार को पालता था। रानी के अनुसार, सत्येन गोले की याद हमेशा सताती रहती है। अब तो नींद के लिए गोलियां खानी पड़ती है। घर का खर्च चलना मुश्किल हो गया है। पूर्वी मेदिनीपुर के जिलाधिकारी छोटेन धेंधुप लामा के अनुसार, पीड़ित महिलाओं की मदद के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से एक करोड़ रुपये जारी किया गया है। जिससे इन्हें पक्का मकान देने की तैयारी है। बर्तन और घरेलू जरूरत की अन्य चीजें पहले ही इन्हें दी जा चुकी है। लेकिन पढ़ी-लिखी नहीं होने के कारण नंदीग्राम की पीड़ित महिलाओं को नौकरी नहीं मिल पा रही है। परिवार के गुजारे का संकट इन्हें लगातार सता रहा है।




लेख को दर्जा दें

दर्जा दें

0 out of 5 blips

(6) वोट का औसत

average:4.833334
Saving...
    शीर्षकों को अपने "मेरा याहू " पृष्ट पर शामिल करें
  • राजनीति
    Add to My Yahoo! xml
  • अपराध
    Add to My Yahoo! xml
  • दुर्घटना
    Add to My Yahoo! xml
  • आतंकवाद
    Add to My Yahoo! xml
इस पृष्ठ की सामग्री जागरण प्रकाशन लिमिटेड द्वारा प्रदान की गई है
कॉपीराइट © 2009 याहू वेब सर्विसेज़ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड सर्वाधिकार सुरक्षित