ई-मेल लिखने का भी सलीका है जी

 
Nov 07, 07:27 pm

नई दिल्ली। प्रोफेशनल कंटेक्स्ट में ईमेल, कम्यूनिकेशन का काफी इफेक्टिव जरिया मानी जाती है। अगर प्रोफेशनल आस्पेक्ट से किसी को ईमेल कर रहे हैं तो कम से कम बेसिक ईमेल एटीकेट की नॉलेज आपको जरूर होनी चाहिए क्योंकि ईमेल कम्यूनिकेशन में ईमेल एटीकेट ही आपकी पर्सनैलिटी को रिफलेक्ट करते हैं।

कहते हैं फ‌र्स्ट इम्प्रेशन इज द लास्ट इम्प्रेशन। यानि फ‌र्स्ट मीटिंग में ही अगर आपने सामने वाले को अपनी पर्सनैलिटी से इम्प्रेस कर लिया तो समझिये बॉल आपके कोर्ट में है। ईमेल कम्यूनिकेशन में भी ठीक यही फंडा अप्लाई होता है लेकिन इस कम्यूनिकेशन में फर्क बस इतना होता है कि आपको अपनी पर्सनैलिटी के थू्र नहीं बल्कि अपनी राइटिंग स्किल्स के थ्रू अगले को इम्प्रेस करना होता है। प्रोफेशनल आस्पेक्ट में तो ये और भी ज्यादा जरूरी हो जाता है कि आपकी ईमेल राइटिंग इम्प्रेसिव हो, आपकी राइटिंग से प्रोफेशनलिज्म और आपकी एफिशियंसी झलके। लेकिन ये सब तभी हो पायेगा जब आप पर्सनली ईमेल एटिकेट फॉलो करेंगे।

प्रोफेशनल या बिजनेस ईमेल भेजते समय हर किसी को कुछ बेसिक ईमेल एटीकेट पर जरूर ध्यान देना चाहिए। ईमेल बहुत लांग और लेंदी नहीं होनी चाहिए। आप जो कनवे करना चाहते हैं वो टू द प्वाइंट हो और कंसाइस फॉर्म में हो तो बेहतर रहता है क्योंकि प्रिंटेड कम्यूनिकेशन पढ़ने में जितना ईजी होता है उतना ईमेल कम्यूनिकेशन नहीं। लांग ईमेल पढ़ते वक्त बोरिंग लगने लगती है। ऐसे में सेंडर बोर होने के साथ-साथ इरीटेट भी हो सकता है।

आपका एक सेंटेंस मैक्सिमम पंद्रह से बीस व‌र्ल्ड में खत्म हो जाना चाहिए। ईमेल एरर लेस होनी चाहिए। ये वो पहला प्वॉइंट है जिसे गड़बड़ करने के साथ ही इम्प्रेशन खराब हो जाता है। जिस लैंग्वेज में आप खुद को एक्सप्रेस कर रहे हैं उस लैंग्वेज का सही यूज आपको आना चाहिए। इम्प्रॉपर स्पेलिंग, ग्रामर और पंक्चुएशन से बहुत ही गलत असर पड़ता है। जिस भाषा पर आपकी कमांड हो उसका इस्तेमाल करें पर गलतियों से बचें।

फुल स्टॉप, कॉमा वगैरह पर खासकर ध्यान दें। सेंटेस मेकिंग के दौरान छूटी हुई ये मामूली मिस्टेक्स आपकी ईमेल को कॉम्प्लीकेटेड बना देती हैं। मेल पढ़ने वाला भी ये ही नहीं समझ पाता कि आपका सेंटेंस कहां एंड हो रहा है और कहां शुरू।

ईमेल कभी भी कैपिटल लेटर में नहीं लिखनी चाहिए। कैपिटल लेटर्स की राइटिंग डॉमिनेटिंग बिहेवियर शो करती है। ईमेल लिखते समय हमेशा नॉर्मल फॉन्ट और नार्मल फॉन्ट साइज का यूज करिए। जहां सेंटेंस बोल्ड करने की जरूरत हो सिर्फ वहीं करें बेवजह हर सेंटेंस को बोल्ड या इटैलिक करने की जरूरत नहीं है। स्टाइल शीट का कम से कम यूज करना प्रोफेशनल राइटिंग में अच्छा माना जाता है।

पढ़ने वाला कभी भी आपकी ईमेल फॉमेर्टिग पर ध्यान नहीं देता वो आपके ईमेल कंटेंट और आपकी राइटिंग पर ध्यान देता है। इसलिए ईमेल राइयटिंग पर अटेंशन दीजिए ना कि ईमेल फॉर्मेटिंग पर।

कभी भी फ‌र्स्ट प्रोफेशनल ईमेल में अननेसेसरी अटैचमेंट्स अटैच नहीं करने चाहिए। फ‌र्स्ट ईमेल जितनी ब्रीफ और कंसाइस होगी उतनी ही इम्प्रेसिव। हां अगर आप कुछ और अपने बारे में सेंडर को बताना चाहते हैं तो कंसाइस मेल के साथ ब्रीफ अटैचमेंट ही एड करिए।

फ‌र्स्ट ईमेल कम्यूनिकेशन इंट्रोडक्शन का काम करती है। इसलिए फ‌र्स्ट मेल में इतना ज्यादा अपने बारे में ना लिख दें कि मेल पढ़ने वाला बोर हो जाए। ब्रीफ मेल सफिशियंट है। जब ईमेल भेजने के बाद आपके पास फरदर कोई क्वेरी आए कि आप अपने बारे में या अपनी कम्पनी के बारे में डिटेल्ड इन्फॉर्मेशन दीजिए तब आप एक या एक से ज्यादा अटैचमेंट भेज सकते हैं।

प्रोफेशनल ईमेल्स में कभी भी एब्रीवेशन और इमोशन्स का यूज नहीं करना चाहिए। ये आपकी पर्सनैलिटी पर क्वेशचन मार्क लगा सकते हैं। आप काम के प्रति सीरियस हैं ये जताने के लिए एब्रीवेशंस या इमोशंस के यूज से बचें।

बहुत से लोग ईमेल सेंड करने वक्त एक ही कॉमन मिस्टेक करते हैं वो ये कि या तो वो विदआउट सब्जेक्ट मेल सेंड कर देते हैं या फिर जल्दबाजी में सब्जेक्ट में कुछ भी लिखकर भेज देते हैं। जो कि ईमेल एटिकेट में ब्लंडर माना जाता है।

जो भी सब्जेक्ट लिखें वो मीनिंगफुल होना चाहिए और आपकी ईमेल का पर्पज उस सब्जेक्ट से रिफलेक्ट होना चाहिए।

बिजनेस मेल्स लिखते समय अपनी बात एक्टिव वॉइस में कहें ना कि पैसिव फॉर्म में।

पैसिव वॉइस वाले सेंटेंसेज आपकी कॉम्प्लीकेटेड कम्यूनिकेशन स्किल को रिफ्लेक्ट करते हैं इनसे बचें।

ईमेल सेंड करने से पहले एक बार पूरा ईमेल फिर से पढ़ लें। क्योंकि फ्लो में लिखने से कई बार बहुत सी मिस्टेक्स रह जाती हैं। ईमेल भेजने से पहले दोबारा पढ़ने पर आप ईमेल में करेक्शंस कर सकते हैं।

जो मिस्टेक्स कई बार पहली बार पढ़ने पर छूट जाती हैं वही नेक्स्ट टाइम में पकड़ में आ जाती हैं। आप कितना भी बिजी हों पर इस काम को टाइम वेस्ट के साथ न जोड़ते हुए ईमेल दोबारा जरूर पढ़ें। [जेएनएन]




लेख को दर्जा दें

दर्जा दें

0 out of 5 blips

(23) वोट का औसत

average:4.043478
Saving...
    शीर्षकों को अपने "मेरा याहू " पृष्ट पर शामिल करें
  • राजनीति
    Add to My Yahoo! xml
  • अपराध
    Add to My Yahoo! xml
  • दुर्घटना
    Add to My Yahoo! xml
  • आतंकवाद
    Add to My Yahoo! xml
इस पृष्ठ की सामग्री जागरण प्रकाशन लिमिटेड द्वारा प्रदान की गई है
कॉपीराइट © 2009 याहू वेब सर्विसेज़ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड सर्वाधिकार सुरक्षित