लखनऊ, [जागरण ब्यूरो]। हिंदू-मुस्लिम भाईचारा के झण्डाबरदार लखनऊ के इतिहास में रविवार को एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ जाएगा, जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सर संघ चालक कु.सी.सुदर्शन तथा प्रख्यात शिया मौलाना हमीदुल हसन सहित कई नामचीन उलेमा एक मंच से राष्ट्रीय अखंडता एवं सामाजिक सद्भाव का झंडा बुलंद करेंगे।
आरएसएस के सूत्रों ने बताया कि यह पहल खुद मौलाना ने की, जिसे सुदर्शन ने तुरंत स्वीकार कर लिया। वैसे इस आयोजन में राष्ट्रीय मुस्लिम मंच नामक संगठन मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।
कुछ समय पूर्व इस संगठन का गठन ऐसे ही आयोजनों के मकसद से किया गया था। संगठन के साथ समन्वय का कार्य संभाल रहे महिरजध्वज सिंह ने बताया कि यह गोष्ठीनुमा आयोजन मौलाना हमीदुल हसन के आवास पर ही होगा, जिसमें दोनों पक्षों के करीब 200 लोग शामिल होंगे। सुदर्शन और हसन गोष्ठी को संबोधित करेंगे। वन्देमातरम् व आतंकवाद जैसे मुद्दों पर चल रही देशव्यापी बहस के बीच सुदर्शन द्वारा उलेमा के साथ एक मंच पर आना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सुदर्शन शनिवार को अयोध्या से लखनऊ पहुंचे। रविवार सुबह वह सरस्वती कुंज, निरालानगर में पूर्ण गणवेषधारी स्वयंसेवकों के सम्मेलन में मौजूद रहेंगे, जबकि दोपहर राष्ट्रीय मुस्लिम मंच की गोष्ठी में हिस्सा लेने के बाद अपरान्ह सरस्वती कुंज में ही गो-संवर्धन विषयक वरिष्ठ कार्यकर्ताओं की एक अन्य गोष्ठी में भी शामिल होंगे। पिछले दिनों विहिप खेमे के सन्त यतीन्द्रानन्द गिरि ने एक अन्य शिया मौलाना कल्बे सादिक से उनके घर जाकर मुलाकात की थी। राष्ट्रीय मुस्लिम मंच इससे पहले भी लखनऊ, जयपुर व कुछ अन्य स्थानों पर आयोजन करवा चुका है।