नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो] अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान [एम्स] में मौत से जूझ रही दो साल की कोमल [परिवर्तित नाम] के मामले को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गंभीरता से लिया है। इस मामले में दिल्ली पुलिस से विशेष रिपोर्ट तलब करने के साथ ही मंत्रालय ने बच्चों की तस्करी रोकने के लिए सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को नई एडवाइजरी जारी की है।
गृह मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव बी भामथी ने कहा कि कोमल का मामला बच्चों की तस्करी से जुड़ा है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि दिल्ली पुलिस से इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। पिछले हफ्ते भेजी गई पांच पन्नों की एडवाइजरी में बच्चों की तस्करी रोकने के लिए किए जाने वाले उपाय से लेकर ऐसे मामलों की जांच की प्रक्रिया के बारे में विस्तृत दिशानिर्देश शामिल हैं। इसके तहत सभी राज्यों को इसके लिए एक नोडल अधिकारी को नियुक्त करने के लिए कहा गया है, जो पुलिस महानिदेशक या उससे ऊपर स्तर के अधिकारी होंगे।
मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि बच्चों की तस्करी से जुड़े मामलों की जांच पुलिस उपाधीक्षक या अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के नीचे स्तर के अधिकारियों को नहीं दिया जाना चाहिए। जिले में पुलिस अधीक्षक और बड़े शहरों में पुलिस कमिश्नर को बच्चों की तस्करी के मामलों की जांच की मासिक समीक्षा करने का निर्देश दिया गया है।
मानव तस्करी रोकने वालों को पुरस्कार
मानव तस्करी रोकने की दिशा में अहम कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने इसके लिए बेहतर काम करने वाले अधिकारियों व गैरसरकारी संगठनों को पुरस्कृत करने का फैसला किया है। तीन श्रेणियों में दिए जाने वाले पुरस्कार के विजेताओं का चयन पूर्व गृह सचिव जीके पिल्लई की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय समिति करेगी। पिल्लई के अलावा सेवानिवृत्त आइपीएस अधिकारी कोशी कोशी और इग्नू के कुलपति एम असलम को इसका सदस्य बनाया गया है।
पहली श्रेणी के तहत मानव तस्करी रोकने में सबसे अच्छा काम करने वाले दो राज्यों या संघशासित क्षेत्रों को दो-दो लाख रुपये के पुरस्कार दिए जाएंगे। वहीं, दूसरी श्रेणी में राज्यों और संघशासित क्षेत्रों के तीन अधिकारियों को डेढ़-डेढ़ लाख रुपये के पुरस्कार दिए जाएंगे। तीसरी श्रेणी में गैर सरकारी संगठनों और सामाजिक संगठनों को पुरस्कार दिया जाएगा। इस श्रेणी में दो पुरस्कार होंगे और प्रत्येक की राशि 75 हजार रुपये होगी। इन पुरस्कारों के लिए आवेदन देने की अंतिम तिथि पांच मार्च रखी गई है।
मुजफ्फरपुर से बरामद बच्ची मुन्नी को सौंपी
नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। एम्स के ट्रामा सेंटर में भर्ती कोमल [परिवर्तित नाम] की मां मुन्नी और बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में मिट्ठनपुर गांव से बरामद उसकी साढ़े तीन साल की बेटी मुस्कान [परिवर्तित नाम] को मंगलवार को लाजपत नगर स्थित चाइल्ड वेलफेयर कमेटी [सीडब्लूसी] के सामने पेश किया गया। मुन्नी के बयान दर्ज करने के बाद कमेटी के निर्देश पर पुलिस ने मुस्कान को मुन्नी के हवाले कर दिया गया।
मुस्कान को सोमवार शाम को ही मुजफ्फरपुर से दिल्ली लाया गया था। यहां उसे रात में सफदरजंग एंक्लेव के उपवन अनाथालय में रखा गया। मंगलवार दोपहर उसे सीडब्लूसी के सामने पेश किया गया। कमेटी ने मां-बेटी को नारी निकेतन भेजते हुए निर्मल छाया के संचालक को निर्देश दिया कि वह इनकी सभी जरूरतों को पूरा करें और निगरानी में रखें। कमेटी ने पुलिस को निर्देश दिया कि वे मुन्नी प्रकरण मामले की विस्तृत रिपोर्ट 22 फरवरी तक उन्हें सौंप दे। माना जा रहा है कि इस प्रकरण के सभी आरोपियों के पकड़े जाने व मुन्नी के बेटे की बरामदगी होने तक मुन्नी नारी निकेतन में ही रहेगी।
डीसीपी दक्षिण जिला छाया शर्मा के मुताबिक लक्ष्मी व शंकर द्वारा मुन्नी को बार-बार फोन कर सब्जबाग दिखा शादी के लिए तैयार कर लिया गया तब दिल्ली आने के दौरान लक्ष्मी ने मुन्नी से कहा था कि वह मिट्ठनपुर में ब्याही गई उसकी बेटी के पास मुस्कान को छोड़ दे। मुन्नी ने ऐसा ही किया था। उसके दिल्ली आकर राजस्थान के रहने वाले हरपाल सिंह से शादी कर लेने के बाद लक्ष्मी की बेटी ने मुस्कान को पड़ोस में रहने वाले एक परिवार को दे दिया था। पुलिस का दावा है कि उसे बेचा नहीं गया था। जबकि सूत्रों की मानें तो मुन्नी ने बेटी लक्ष्मी को बेच दी थी। जिसके बाद लक्ष्मी की बेटी ने भी उसे पड़ोसी को बेच दिया था। मुस्कान की तलाश में मुजफ्फरपुर गई पुलिस टीम ने उसे बरामद करने के बाद मोबाइल से उसकी तस्वीर खींच एमएमएस दिल्ली भेजा। यहां उसकी मां मुन्नी को तस्वीर दिखाने पर जब उसने पहचान कर ली तो उसे दिल्ली लाया गया।
उधर, हरपाल सिंह से पुष्टि हो गई कि उसने गिरोह के चंगुल में फंसकर 2.70 लाख में शादी के लिए मुन्नी को खरीदा था। उसे बताया गया था कि मुन्नी अविवाहित है, जबकि उसने तीन बच्चों के बाद परिवार नियोजन का ऑपरेशन भी करा लिया था। इस पूरे मामले में लक्ष्मी का रोल सबसे अहम है।
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