देवास करार के लिए माधवन दोषी

बेंगलूर। उच्चस्तरीय समिति ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन [इसरो] के पूर्व अध्यक्ष माधवन नायर और तीन अन्य वैज्ञानिकों को एंट्रिक्स-देवास सौदे में गड़बड़ी के लिए दोषी पाया है। प्रत्यूष सिन्हा समिति की रिपोर्ट में कहा गया है कि एंट्रिक्स-देवास सौदे में पारदर्शिता नहीं थी। पूर्व मुख्य सतर्कता आयुक्त सिन्हा की इस रिपोर्ट में चारों वैज्ञानिकों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की गई है।

दुर्लभ एस बैंड स्पैक्ट्रम से जुड़े इस करार के विवादों में घिरने के बाद सरकार ने पिछले साल इसे रद कर दिया था। हाल ही में सिन्हा समिति की रिपोर्ट के हवाले से खबरें आई थीं कि सरकार ने माधवन समेत देश के चार शीर्ष वैज्ञानिकों को सरकारी पदों पर नियुक्ति के लिए प्रतिबंधित कर दिया है। माधवन ने सरकार की इस कार्रवाई के लिए इसरो के मौजूदा अध्यक्ष के राधाकृष्णन को जिम्मेदार ठहराया था।

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