अब गैस प्लांट में रिसाव, बड़ा हादसा टला

 
Oct 31, 04:34 pm

जयपुर। जयपुर के सीतापुरा स्थित इंडियन आयल कारपोरेशन [आईओसी] के डिपो में लगी आग तीसरे दिन भी धधक रही है। इस बीच, डिपो से महज डेढ़ किलीमीटर दूर स्थित एक गैस प्लांट में रिसाव की खबर मिली है। हालांकि समय रहते इसे बंद कर दिया, जिससे एक और बड़ा हादसा टल गया।

उधर, डिपो परिसर में आज तीन और शव मिले, जिससे इस हादसे में मरने वालों की संख्या बढकर आठ हो गई। प्रशासन ने कहा है कि आग की उग्रता कम हो गई है और आशा है कि आज शाम तक आग बुझ जाएगी।

जयपुर जिला कलेक्टर कुलदीप रांका ने बताया कि आईओसी डिपो परिसर से तीन शव मिले हैं। इसके साथ ही हादसे में मरने वालों की संख्या बढकर आठ हो गई है।

उन्होंने बताया कि आईओसी टर्मिनल से करीब डेढ किलोमीटर दूर गैस प्लांट में आज सुबह रिसाव हुआ। हालांकि समय रहते इस पर काबू पा लिया गया, जिससे एक बडा हादसा टल गया।

रांका ने बताया कि आग की उग्रता अब कम हो गई है और आने वाले कुछ घंटों में आग बुझ जाने की संभावना है। रांका ने कहा कि अब हमारा ध्यान आग बुझने के बाद शुरू होने वाले बचाव कार्य पर होगा। उन्होंने कहा कि आग धीमे होने के साथ ही आग नीचे की ओर फैलने की संभावना को देखते हुए आग को फैलने से रोकने के लिए सेना की मदद से डिपो परिसर में खाईयां खोदी गई हैं ताकि जमीन पर फैले पेट्रोल में आग नहीं लगे। उन्होंने कहा कि हमारा ध्यान अब जमीनी आग को फैलने से रोकने पर हैं। इसके पुख्ता प्रबंध कर लिए गए हैं।

रांका के अनुसार आग बुझते ही दिल्ली, मुम्बई, मथुरा रिफाइनरी समेत अन्य स्थानों से आए विशेषज्ञों व सेना की मदद से बचाव कार्य तेजी से शुरू किया जाएगा। उधर, पुलिस सूत्रों के अनुसार डिपो से आज मिले तीनों शव संभवत: लापता छह कर्मचारियों में से हैं। उन्होंने बताया कि इनमें से एक प्रमोद पारीक की पहचान हो चुकी है। आठ मृतकों में से पांच की शिनाख्त अभी तक नहीं हुई है। आधिकारिक सूत्रों ने गुरुवार शाम साढ़े सात बजे से लगी आग के अब किसी भी पल बुझने की संभावना जताई है। उन्होंने कहा कि आईओसी टर्मिनल के एक किलोमीटर के दायरे में आज तामपान कल के मुकाबले कम है। उन्होंने कहा कि कल इस क्षेत्र में दिन का तापमान करीब पचास डिग्री सेल्सियस तक था, जबकि जयपुर के अन्य इलाकों में उसी वक्त तापमान 35 डिग्री सेल्सियस था।

उन्होंने कहा कि टर्मिनल के करीब दो किलोमीटर के दायरे में शिक्षण संस्थान आज दूसरे दिन भी एहतियात के तौर पर बंद रहे।

इस भयानक आग से इलाके में मौजूद 1100 इकाइयों में से 500 क्षतिग्रस्त हुई है। सीतापुर औद्योगिक क्षेत्र के अध्यक्ष एस. एन. काबरा ने बताया, हर इकाई के क्षतिग्रस्त होने से 500,000-700,000 रुपये का नुकसान हुआ है। इस नुकसान में हमारा उत्पादन मूल्य शामिल नहीं है।

हादसे को देखते हुए सरकार ने सभी तेल और गैस डिपो को रिहायशी इलाकों से कम से कम 35 किलोमीटर दूर ले जाने की योजना बनाई है।




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