
गोंडा। उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में रविवार दोपहर बाद टिकरी और नबावगंज रेलवे स्टेशनो के बीच एक मानव रहित रेलवे क्रांसिंग पर एक ट्रक गोरखपुर-अयोध्या पैसेंजर ट्रेन की चपेट में आ गया जिससे 15 लोगो की मौत हो गई और 24 से अधिक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल लोगों को फैजाबाद तथा अयोध्या के अस्पतालो में भर्ती कराया गया है।
गोंडा के जिलाधिकारी सुखलाल भारती ने बताया कि मृतको में ट्रक ड्राइवर के अलावा 14 रेल यात्री शामिल है। उन्होने बताया कि गोरखपुर से मनकापुर होते हुए अयोध्या जा रही 441 अप पैसेंजर गाड़ी दोपहर करीब एक बजे टिकरी तथा नबावगंज रेलवे स्टेशनो के बीच चकरसूल गांव के पास एक मानव रहित समपार [लेबल] रेलवे फाटक पर बालू से लदे ट्रक से टकरा गई।
उन्होने बताया कि ट्रक ड्राइवर और दस रेल यात्रियो की मौके पर ही मौत हो गई , जबकि दो रेल यात्रियो की नबावगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में और एक की फैजाबाद के जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। भारती ने बताया है कि घायलो में से 11 को फैजाबाद जिला अस्पताल, आठ को अयोध्या के श्रीराम अस्पताल और 6 का नबावगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर इलाज चल रहा है, जहां कुछ की हालत चिंता जनक बताई गई है। उन्होंने बताया कि अचानक एक ट्रक के रेलमार्ग पर आ जाने से यह दुर्घटना हुई। दोनों के बीच भिड़ंत हो गई। उन्होंने कहा कि इस टक्कर की तीव्रता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि ट्रक के कई टुकड़े हो गए।
पूर्वोत्तर रेलवे मुख्यालय गोरखपुर में मुख्य जनसंपर्क अधिकारी ने सभी मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपए, गंभीर रूप से घायलों को एक-एक लाख रुपये और मामूली रूप से घायल लोगों को दस हजार रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की।
मुख्य जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि यह घटना उस वक्त हुई, जब मेला स्पेशल ट्रेन से एक ट्रक दिन के करीब डेढ़ बजे टकरा गया। उन्होंने बताया कि दुर्घटना की जानकारी मिलते ही देवीपाटन के मंडलायुक्त डा. गुरूदीप सिंह, परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक योगेंद्र कुमार पचौरी, जिला पुलिस अधीक्षक एन. पद्माजा सहित वरिष्ठ पुलिस एवं प्रशासनिक तथा रेल अधिकारी तथा रेलवे की तरफ से चिकित्सको का एक दल मौके पर पहुंच गया है।
पूर्णिमा के मौके पर सोमवार को अयोध्या में लगने वाले पूर्णिमा मेले के कारण गोरखपुर से अयोध्या जा रही पैसेंजर गाड़ी में भारी भीड थी। रेल में यात्रा कर रहे यात्रियों के परिजनों का आरोप है कि दुर्घटना की जानकारी होने पर जब उन्होने इस संबंध में गोंडा तथा मनकापुर रेल जंक्शनो पर जानकारी लेनी चाही तो उन्हें निराश होना पड़ा, क्योंकि वहां कोई पूछताछ केंद्र नही खोला गया था। घटना का विवरण देते हुए आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मरने वालों में रेत से भरे इस ट्रक का चालक शामिल हैं। शेष सभी मरने वाले व्यक्ति ट्रेन में सवार थे। अयोध्या के पूर्णिमा मेले के कारण ट्रेन में काफी भीड़ थी। यहां तक कि कई डिब्बों की छत पर भी लोग सवार थे। उन्होंने बताया कि अब तक केवल एक व्यक्ति की शिनाख्त हो पाई है जो निकट के नवाबगंज का निवासी था। अन्य मृतकों की शिनाख्त का प्रयास किया जा रहा है।
घटनास्थल पर पहुंचे केसरगंज के सपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने मौके पर पहुंच कर हताहतों की जानकारी ली और मृतकंों के परिजनो को दस-दस लाख रूपए का मुआवजा और एक आश्रित को नौकरी देने की मांग की है। उन्होंने घटना की उच्च स्तरीय जांच की मांग की।