
मथुरा [जागरण संवाददाता]। जयपुर के आयल डिपो की आग अभी बुझी नहीं कि मथुरा भी धधकने से बाल-बाल बचा। यहां रिफाइनरी में शनिवार शाम को शार्ट सर्किट से लगी आग से एक ठेका कर्मचारी झुलस गया। गनीमत रही आग पर काबू पा लिया गया अन्यथा पेट्रोल टैंकर तक आग पहुंचने पर गंभीर हादसा हो सकता था।
जानकारी के अनुसार शनिवार को रिफायनरी इंडस्ट्रियल एरिया स्थित हिन्दुस्तान पेट्रोलियम के डिपो में अपराह्न ढाई बजे गेंट्री [फिलिंग प्वाइंट] के पास लगे इलेक्ट्रिक मोटर पैनल ने काम करना बंद कर दिया। मोटर से उस समय टैंकर भरे जा रहे थे। मोटर बंद होते ही इलेक्ट्रिशियन को बुलाया गया। बिजली कर्मचारी ने पैनल खोलकर देखा तो वह जल गया था। कर्मचारी ने जैसे ही पैनल ठीक करके चालू किया, उसमें से चिंगारी निकली और आस-पास पड़े पेट्रो पदार्थ ने आग पकड़ ली। आनन-फानन में इलेक्ट्रिशियन के हेल्पर ठेका कर्मचारी सुखदेव निवासी अडूकी ने आग पर काबू पाने का प्रयास किया। इस बीच अग्निशमन यंत्रों से आग पर काबू पा लिया गया। आग बुझाने के प्रयास में ठेका कर्मचारी सुखदेव के हाथ और चेहरा झुलस गया। सुखदेव को उपचार के लिए स्वर्ण जयंती अस्पताल ले जाया गया जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे घर भेज दिया गया।
पेट्रोलियम डिपो की यह छोटी सी चिंगारी बड़े हादसे में तब्दील हो सकती थी। यह गनीमत रही अग्निशमन यंत्र दुरुस्त थे और उन्होंने समय पर काम कर दिया। सूत्रों का कहना है कि पैनल को नये उपकरण लगाने के बजाय जुगाड़ से ठीक किया गया। यही वजह है कि उसे चालू करते ही तेज चिंगारी निकाली और तार जल गये जिससे आग जमीन तक आ गयी। इस संबंध में डिपो मैनेजर बीएस चौहान का कहना है कि आग नहीं लगी बल्कि शार्ट सर्किट से पैनल में मामूली चिंगारी निकली। ठेकाकर्मी शार्ट सर्किट की चिंगारी से ही झुलसा। वह रविवार को सुबह ही अपने पिता के साथ चला गया। उसकी बहन ने बताया कि वह उपचार के लिए आगरा गया है।