जयपुर में आग के बाद अब धुएं का कहर

 
Nov 02, 12:09 pm

जयपुर [जागरण संवाददाता]। धधकती लपटें भले ही अब ठंडी होने की ओर हैं। लेकिन पास-पड़ोस के गांवों के लोगों की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सीतापुरा आद्यौगिक क्षेत्र से लगे रिहायसी इलाकों के तकरीबन 50 से अधिक लोग विभिन्न अस्पतालों में दाखिल हुए हैं। उन्हें आंखों में जलन, खुजली, सांस फूलने और स्किन एलर्जी जैसी परेशानियों से दो-चार होना पड़ रहा है। सांस लेने में दिक्कत के कारण एक शख्स की अस्पताल में मौत भी हो गई है। दूसरी ओर दो फ्यूल टैंकरों से सोमवार को भी लपटें उठती रहीं।

जयपुर से 20 किमी दूर स्थित सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र में इंडियन आयल कारपोरेशन [आईओसी] के डिपो में रहस्यमय परिस्थितियों में आग भड़क उठी थी। इसमें अब तक आईओसी के पांच कर्मचारियों समेत 12 लोगों की मौत हो चुकी है और डेढ़ सौ से अधिक घायल हुए हैं। इस हादसे में अरबों रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। आग अब तक धधक रही है।

नतीजतन आस-पास के कई गांवों पर धुआं छाया हुआ है। सोमवार को 38 वर्षीय यशोदा नंदन को सांस लेने में दिक्कत हुई। उसे परिवार वालों ने तत्काल एसएमएस अस्पताल में दाखिल कराया, जहां उसने दम तोड़ दिया। परिवार वालों का कहना है कि यशोदा नंदन को सांस लेने में तकलीफ पेट्रोलियम पदार्थो के जहरीले धुएं से हुई है। हेमवंती नंदन का कहना था-'उसके भाई यशोदा नंदन को सांस से जुड़ी कोई बीमारी नहीं थी। पहले इस तरह की कोई दिक्कत भी नहीं हुई थी। सोमवार को उसने सांस लेने में दिक्कत की शिकायत की। उसे एसएमएस अस्पताल ले जाया गया। लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।' हालांकि अस्पताल प्रशासन फिलहाल इस संबंध में कुछ कहने से इन्कार कर रहा है। एसएमएस अस्पताल में अधीक्षक डा. नरपत सिंह का कहना था पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही इस संबंध में कुछ कहा जा सकता है।

इस बीच मुख्य अग्निशमन अधिकारी ईश्वरलाल जाट ने पुष्टि की है कि अब भी दो टैंकरों में आग धधक रही है। आग के पूरी तरह बुझने में एक दिन का वक्त और लग सकता है। दोनों टैंकरों की आग बुझाने के लिए अग्निशमन कर्मी युद्ध स्तर पर प्रयासरत हैं।

जयपुर के जिलाधिकारी कुलदीप रांका के अनुसार रविवार की दर रात आईओसी के जिन दो टैंको में आग जारी रही। उनमें से दो के ढक्कन तेज आवाज के साथ फटने से नजदीक ही रखे तेल ड्रमों में आग लग गई। लेकिन मौके पर मौजूद अग्निशमन दल ने तुरंत इस पर काबू में कर लिया। उन्होंने कहा कि हालात की समीक्षा के बाद इस क्षेत्र के बंद स्कूलों को खोलने और जयपुर-सवाई माधोपुर रेलमार्ग पर यातायात फिर से शुरू करने का फैसला लिया जाएगा।

आईओसी पर मुकदमा

आग के कारणों की जांच कमेटी के अध्यक्ष आईओसी के पूर्व अध्यक्ष महेश बी. लाल ने शुरू कर दी है। आग से तबाह एक फैक्ट्री ने आईओसी के खिलाफ पुलिस में आपराधिक मुकदमा दर्ज कराया है।

लाल ने सोमवार को जयपुर में संवाददाताओं से कहा कि जांच कमेटी साठ दिन में केंद्र सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंप देगी। कमेटी आग लगने के कारणों और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के सुझाव भी देगी। उन्होंने जयपुर आईओसी डिपो में गुरुवार को लगी आग को देश में अपने तरह की पहली घटना बताते हुए कहा कि इससे पर्यावरण को होने वाले संभावित नुकसान का अध्ययन करने के निर्देश राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल को दिए हैं। उन्होंने कहा कि आग के कारणों या इससे जुडे़ प्रश्नों पर अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। समिति ने डिपो क्षेत्र और सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र का दौरा किया। समिति ने सरकार के प्रतिनिधियों, आईओसी के अधिकारियों और औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों से बात की।

उद्यमियों पर लगाया मरहम

सरकार ने आग से फैक्ट्रियों को हुए नुकसान की भरपाई करने का प्रयास किया है। सरकार प्रभावित औद्योगिक इकाइयों से एक साल तक सर्विस और फायर टैक्स नहीं लेने का निर्णय लिया है। साथ ही मार्च 2010 तक वैट की वसूली स्थगित करने का फैसला लिया है।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को यहां सीएम आफिस में आईओसी एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ हुई बैठक में यह निर्देश दिए। सरकार ने माना कि इस अग्निकांड से औद्योगिक इकाइयों को करीब पांच सौ करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। जिन इकाइयों ने ऋण ले रखा है, उनके बकाया के भुगतान की अवधि बढ़ाई जाएगी। जरूरत के अनुसार इन उद्यमियों को दस लाख तक का अतिरिक्त टाप-अप लोन स्वीकृत किया जाएगा। कोई उद्यमी अगर ऋण के लिए आवेदन करता है तो उसे सात दिन के अंदर लोन मिल जाएगा।

मुख्यमंत्री ने इस हादसे हुए पर्यावरण के नुकसान का आकलन करने के लिए राज्य पर्यावरण विभाग के प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में एक दल गठित करने का निर्णय लिया गया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रभावित ग्रामीणों एवं उद्यमियों को हुए नुकसान के मुआवजे के लिए केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री मुरली देवड़ा से बातचीत हुई है। उन्होंने हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है। केंद्रीय मंत्री द्वारा इस मुद्दे पर मंगलवार को दिल्ली में बैठक बुलाई गई है।

आईओसी के अधिकारियों ने बताया कि औद्योगिक इकाइयों के नुकसान के सर्वे के लिए गठित नौ दलों ने अब तक 375 इकाइयों का दौरा किया है। इसमें 110 इकाइयां मौके पर बंद पाई गई। सर्वे पूरा करने में करीब दस दिन और लगेंगे।




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