अभी भी उठ रहा धुआं, कमेटी का गठन

 
Nov 03, 04:56 pm

जयपुर। जयपुर के सीतापुरा स्थित इंडियन आयल कारपोरेशन [आईओसी] टर्मिनल में लगी आग आज छठे दिन भी बुझी नहीं है। राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने धुएं से होने वाले प्रभाव के अध्ययन के लिए उच्च स्तरीय कमेटी गठित की है।

आईओसी डिपो के तीन टैंक से अभी भी धुआं उठ रहा है और प्रशासन आग बुझने के इंतजार में बचाव कार्य शुरू नहीं कर सका है। आग हादसे से अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है। हादसे की वजह से बृहस्पतिवार से बंद जयपुर सवाई माधोपुर रेल मार्ग पर यातायात मंगलवार को भी बंद रहा।

जिला कलेक्टर कुलदीप रांका के अनुसार, आईओसी डिपो के तीन टैंक से अभी भी धुआं उठ रहा है और आग बुझने की प्रतीक्षा की जा रही है। उन्होंने कहा कि आग बुझने के साथ ही बचाव कार्य शुरू किए जाएंगे।

आईओसी डिपो के पांच सौ मीटर दायरे को छोड़कर शेष में सलाह के साथ व्यावसायिक कार्य शुरू करने के निर्देश सोमवार को ही दिए जा चुके है।

राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष वी एस सिंह ने कहा कि हादसे से संभावित प्रदूषण का अध्ययन करने के लिए टाटा इंस्टीट्यूट के विशेषज्ञ की अध्यक्षता में विशेषज्ञों की एक उच्च स्तरीय कमेटी गठित की गई है, जो आईओसी आग हादसे से जयपुर और आसपास फैले प्रदूषण से बचने और भविष्य में इस तरह की घटनाओं से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए सुझाव देगी। सिंह ने कहा कि नियंत्रण बोर्ड कानूनी पहलुओं पर काम करता रहा है, लेकिन आईओसी आग हादसे के बाद यह नया पहलू भी शामिल हो गया है। उन्होंने कहा कि बोर्ड ने आग हादसे से फैले प्रदूषण का अध्ययन करने, इससे बचाव के लिए उठाए जाने वाले कदमों व भविष्य में ऐसी घटनाओं के दौरान प्रदूषण को बिगड़ने से रोकने के लिए सुझाव देने की खातिर कमेटी गठित की है। उन्होंने कहा कि कमेटी जल्दी ही काम शुरू करेगी।

सवाई मान सिंह अस्पताल के अधीक्षक डा. नरपत सिंह शेखावत के अनुसार, अस्पताल में उपचार करा रहे आग हादसे के घायलों की स्थिति में सुधार हो रहा है। उन्होंने कहा कि वाटिका क्षेत्र से अस्पताल में उपचार कराने आए यशोदानंद शर्मा [38] की मृत्यु के कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में होगा।

यशोदानंद शर्मा को उनके परिजनों ने रविवार रात अस्पताल में सांस लेने की शिकायत के साथ लाए थे। कुछ देर बाद उन्होंने दम तोड़ दिया। मृतक के परिजन जहरीली गैस से दम घुटने को मौत का कारण बता रहे है,ं जबकि अस्पताल प्रशासन इससे इंकार कर रहा है।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आईओसी आग हादसे से उत्पन्न हालात की समीक्षा बैठक में सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र की प्रभावित इकाइयों को राहत पैकेज की घोषणा की थी। राहत पैकेज में प्रभावित इकाइयों को मार्च 2010 तक वैट की वसूली स्थगित करने, रीको क्षेत्र से संबंधित सर्विस टैक्स, फायर सर्विस टैक्स को एक साल के लिए माफ करने की घोषणा की गई थी। गहलोत ने रीको और राजस्थान वित्त निगम से कर्ज लेने वाली प्रभावित इकाइयों के बकाए के भुगतान की अवधि बढाने और आवश्यकतानुसार उद्यमियों को दस लाख रुपये तक का अतिरिक्त टापअप ऋण देने के निर्देश दिए है। उन्होंने यह भी निर्देश दिया है कि प्रभावित इकाई द्वारा ऋण के आवदेन के दस दिनों के भीतर यह ऋण मंजूर किया जाए।




लेख को दर्जा दें

दर्जा दें

0 out of 5 blips

(4) वोट का औसत

average:4
Saving...
    शीर्षकों को अपने "मेरा याहू " पृष्ट पर शामिल करें
  • राजनीति
    Add to My Yahoo! xml
  • अपराध
    Add to My Yahoo! xml
  • दुर्घटना
    Add to My Yahoo! xml
  • आतंकवाद
    Add to My Yahoo! xml
इस पृष्ठ की सामग्री जागरण प्रकाशन लिमिटेड द्वारा प्रदान की गई है
कॉपीराइट © 2009 याहू वेब सर्विसेज़ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड सर्वाधिकार सुरक्षित