
गाजियाबाद [उप्र]। इंदिरापुरम थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह जनशताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आने से एक सेक्शन इंजीनियर व चार गैंगमैन की मौत हो गई। हादसे के बाद दिल्ली-हावड़ा ट्रैक पर करीब तीन घंटे तक रेल यातायात ठप रहा। मौके पर पहुंचे डीआरएम ने मृतकों के परिवारजनों को रेलवे के नियमानुसार मुआवजा व नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया। डीआरएम का कहना है कि जनशताब्दी के ड्राइवर व गार्ड से पूछताछ के बाद ही दुर्घटना के कारण का पता चल सकेगा। हालांकि बताया जाता है कि इलाके में छाई धुंध के कारण कर्मचारी ट्रेन को नहीं देख सके। हाल ही में हरियाणा के गुड़गांव व फरीदाबाद में भी ट्रेन की चपेट में आने से 12 लोगों की जान चली गई थी।
गाजियाबाद और साहिबाबाद रेलखंड के बीच वसुंधरा सेक्टर-2ए के सामने रेल पटरियों [लाइन नंबर-चार] पर सुबह गैंगमैन कार्य कर रहे थे। जबकि निकट ही दूसरी पटरी [लाइन नंबर-तीन] पर उनकी ट्राली खड़ी थी। ग्यारह बजकर दस मिनट पर लाइन नंबर-तीन पर एक ट्रेन गाजियाबाद से दिल्ली की तरफ जाती दिखी। गैंग मैनों ने ट्राली उठाकर उसे दो और तीन लाइनों के बीच में रख दिया, लेकिन उसी दौरान लाइन नंबर-चार पर जन-शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन आ गई। दोनों ट्रेन लगभग आगे पीछे थी। कोहरे के कारण लाइन नंबर चार पर कार्य कर रहे गैंगमैनों ने पहले आ रही ट्रेन तो देखी, लेकिन जन-शताब्दी एक्सप्रेस पर ध्यान नहीं दिया। उस समय एक सेक्शन इंजीनियर व चार गैंगमैन लाइन नंबर चार पर कार्य कर रहे थे, ट्रेन की चपेट में आने से सभी की मौके पर मौत हो गई।
प्रत्यक्षदर्शी गैंगमैनों का कहना है कि जनशताब्दी एक्सप्रेस ने हार्न नहीं बजाया जो हादसे का मुख्य कारण है। जबकि अन्य प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि गैंनमैनों ने कार्य के दौरान लाल फ्लैग नहीं लगा रखा था। इसके अलावा वाकीटाकी भी मौके से नहीं मिला। यदि वह होता तो हादसा टल सकता था। हालांकि, कुछ लोग कोहरे को भी हादसे का कारण बता रहे हैं।
हादसे के बाद करीब सवा ग्यारह बजे से लेकर एक बजकर चालीस मिनट तक दोनों तरफ से ट्रेनों का आवागमन बंद रहा। हादसे से क्षुब्ध आल इंडिया नार्दन रेलवे मेन्स यूनियन से जुड़े कर्मचारियों ने जमकर रेलवे प्रबंधन के खिलाफ मौके पर नारेबाजी की और ट्रेनों के चलाने का विरोध किया। कर्मचारियों का कहना था कि इस मामले में जब तक यूनियन के अध्यक्ष व अन्य पदाधिकारी दिल्ली से नहीं आ जाते ट्रेनों को नहीं चलने दिया जाएगा। हालांकि, सूचना मिलने पर पहुंचे जिलाधिकारी आर.रमेश, एसएसपी अखिल कुमार समेत तमाम पुलिस फोर्स मौके पर मौजूद था। मौके की नजाकत को देखते हुए बाद में पीएसी भी बुलाई गई।
मृतक रेलवे कर्मी-
1.रमेश कुमार [50] पद-सेक्शन इंजीनियर [पीडब्ल्यूआई] निवासी विजयनगर गाजियाबाद, मूल रूप से हाथरस का रहने वाला।
2.रामरतन [54] पद-गैंगमैन निवासी पंजाब लाइन गाजियाबाद, मूल रूप से दादरी का रहने वाला।
3.अजय [26] पद-गैंगमैन निवासी बागू विजय नगर, गाजियाबाद।
4.राधे [29] पद-गैंगमैन निवासी सुंदरपुरी विजयनगर गाजियाबाद, मूल निवासी राजस्थान का।
5.पूरण [55] पद गैंगमैन निवासी सुंदरपुरी विजयनगर गाजियाबाद, मूल निवासी जिला बदायूं तहसील गनौर का रहने वाला।