नई दिल्ली। विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी ने बुधवार को कहा कि ज्यादातर रक्षा विश्लेषक और परमाणु वैज्ञानिक भारत-अमेरिका परमाणु समझौते के पक्ष में हैं।
लोकसभा में संतोष गंगवार ने विदेशमंत्री से पूछा था कि क्या विश्लेषकों तथा परमाणु वैज्ञानिकों ने भारत-अमेरिका परमाणु समझौते पर चिंता व्यक्त करते हुए सरकार से इस पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया। इस प्रश्न के लिखित उत्तर में मुखर्जी ने कहा कि सरकार ने जुलाई 2005 और मार्च 2006 के समझौतों के अनुसार भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित सिविल नाभिकीय सहयोग पर विभिन्न विचार देखे हैं। उन्होंने कहा कि अधिकांश रक्षा विश्लेषकों और नाभिकीय वैज्ञानिक प्रस्तावित सहयोग के कड़े पक्ष में हैं लेकिन कुछ ने कतिपय चिंताएं व्यक्त की हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार उठाए गए मामलों पर विधिवत विचार करती है और देश के सर्वाधिक हित में कार्यवाही करती है।