अमेरिका को करार पूरा होने का भरोसा

नई दिल्ली। अमेरिका ने बुधवार को भारत पर एक बार फिर दबाव बनाया कि वह मई तक आईएईए के साथ समझौते को अंजाम दे तथा परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह [एनएसजी] से परमाणु व्यापार पर लगी पाबंदी को हटवाए।

उसने विश्वास जताया कि यहां करार को लेकर हो रहे विरोध के बावजूद भारत इस समयसीमा तक सारी औपचारिकताओं को पूरा कर लेगा। अमेरिकी विदेश उप मंत्री रिचर्ड बाउचर ने कहा कि भारत के साथ असैनिक परमाणु सहयोग करने की स्थिति में हाइड एक्ट लागू होगा। लेकिन उन्होंने इस बात से साफ इनकार किया कि भारत के परमाणु परीक्षण करने की स्थिति में करार खत्म हो जाएगा। परमाणु करार के भविष्य के बारे में यहां संवाददाता सम्मेलन में बाउचर ने कहा कि समय कम है। बमुश्किल समय है और अभी बहुत काम किया जाना बाकी है।

परमाणु करार की मौजूदा स्थिति के बारे में भारतीय अधिकारियों के साथ बातचीत करने वाले बाउचर ने कहा कि भारत को आईएईए के साथ सुरक्षा मानक समझौते को अंजाम देना चाहिए तथा मई तक एनएसजी से परमाणु कारोबार पर लगी पाबंदी को हटवाना चाहिए, ताकि समझौते पर अंतिम मतदान करने के लिए कांग्रेस को वक्त मिल सके। यह पूछे जाने पर कि क्या वह आशान्वित हैं तो उन्होंने सकारात्मक उत्तर दिया। उन्होंने कहा कि हम ऐसा कर सकते हैं। करार का राजनैतिक दलों की ओर से हो रहे विरोध के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि अमेरिका इस तरह की प्रक्रियाओं को समझता है। लोकतंत्र में ये बातें सामान्य हैं। यह सरकार पर निर्भर है कि वह इससे कैसे पार पाती है क्योंकि अब बेहद कम समय है।

भारत आईएईए वार्ता की आधिकारिक स्थिति के संबंध में बाउचर ने कहा कि भारत ने उनसे कहा है कि जब समझौते को पूरा कर लिया जाएगा तब अमेरिका को इस बाबत जानकारी दे दी जाएगी। उन्होंने कहा कि समझौते को अंजाम देने में दो हफ्ते का समय लग सकता है।




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