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भाकपा ने भी दी समर्थन वापसी की धमकी

Mar 07, 08:55 pm
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नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में शानदार सफलता से उत्साहित वामदलों ने केंद्र की संप्रग सरकार को परमाणु करार पर आगे बढ़ने का नतीजा भुगतने की धमकियां देनी शुरू कर दी हैं। माकपा ने पंद्रह मार्च तक जहां सरकार से रुख साफ करने की चेतावनी दी, वहीं ए बी बर्धन ने शुक्रवार को एक कदम आगे बढ़कर समर्थन वापसी की धमकी भी दे दी।

माकपा नेता सीताराम येचुरी ने सुलह समिति की बैठक के बारे में यहां बताया कि अगले सप्ताह में वियना में आईएईए के साथ वार्ता करने गया दल लौट आएगा, तभी बैठक की तिथि निर्धारित होगी। माकपा ने केंद्रीय कमेटी की बैठक में पहले दिन ही तीसरे मोर्चे के साथ जाने के विकल्प पर लंबी चर्चा कर सरकार को सख्त कदम उठाने के संकेत दे दिए। संप्रग सरकार और वामदलों के बीच बढ़ रही कड़वाहट से दूरियां बढ़ने लगी हैं।

त्रिपुरा के चुनाव में वाम मोर्चे को दो तिहाई बहुमत मिल गया है, जिससे वामदलों ने दो कदम और आगे बढ़कर सरकार को कोसा है। परमाणु करार पर सरकार की तैयारियों और चुनाव में उतरने की जल्दी से वामदल पूरी तरह वाकिफ हैं। इसीलिए उन्होंने भी सरकार को अल्टीमेटम दे दिया है। मा‌र्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव प्रकाश करात ने विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी को पत्र लिखकर परमाणु करार पर बैठक बुलाने की मांग की है।

इसके ठीक एक दिन बाद भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव ए बी बर्धन ने भी सरकार को आडे़ हाथों लेते हुए करार पर आगे न बढ़ने की चेतावनी दी। ऐसा न करने पर समर्थन वापसी की धमकी भी सुना दी। दूसरी ओर, सरकार अपनी चुनावी तैयारियों को अंतिम रूप देने के क्रम में लगातार लोक-लुभावन फैसले ले रही है। उसे भी परमाणु करार पर आगे बढ़ने और उसके नतीजे से उपजने वाले हद की जानकारी है।

माकपा ने शुक्रवार से शुरू हुई दो दिवसीय केंद्रीय कमेटी की बैठक के पहले दिन ही तीसरे मोर्चे के राजनीतिक विकल्प पर लंबी चर्चा की। वाम मोर्चा आगामी लोकसभा चुनाव में तीसरे मोर्चे के साथ जाने के प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार कर रहा है।

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