
चंडीगढ़। पंजाब में सोमवार को स्थानीय निकायों के लिए मतदान का काम शुरू हुआ। शिरोमणि अकाली दल [बादल] प्रमुख सुखबीर सिंह बादल के लिए यह मतदान कड़ी परीक्षा साबित होगा।
सुखबीर सिंह बादल को उनके पिता तथा प्रदेश के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के स्थान पर इस साल जनवरी में पार्टी का अध्यक्ष बनाया गया था। उसके बाद से यह पहला मौका है जब पार्टी को किसी प्रकार के चुनाव का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदेश में 20 जिला परिषद तथा 141 पंचायत समितियों के लिए सोमवार को मतदाता अपने अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं। इन चुनावों के लिए लगभग एक करोड़ 51 लाख मतदाता अपने-अपने घरों से निकल कर मतदान केंद्र की ओर बढ़ रहे हैं अथवा कतार में खड़े हैं। प्रदेश में साफ सुथरा मतदान संपन्न कराने के लिए लगभग 30 हजार पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।
मतदान कार्यो में 88 हजार 700 कर्मचारियों को लगाया गया है। आधे से अधिक जिला परिषद और पंचायत समितियों में चुनावी अखाड़े में शिरोमणि अकाली दल और भारतीय जनता पार्टी आमने-सामने खड़े हैं। सीटों के बंटवारे पर दोनों दल किसी सहमति पर नहीं पहुंच पाए। पंजाब कांग्रेस की अध्यक्ष राजेंद्र कौर भट्टल ने कहा है कि उनकी पार्टी स्थानीय निकायों के चुनाव में सत्तारूढ़ दल से भिड़ने को तैयार है।