
नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। कांग्रेस के अंदरूनी झगड़े को लेकर उसके नेताओं पर निशाना साधना भाजपा प्रवक्ता राजीव प्रताप रूडी को भारी पड़ सकता है। कांग्रेस में 'वफादार' व 'चापलूस' के बीच चल रहे विवाद पर टिप्पणी करते हुए रूडी ने कहा कि वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं को पेट्स [पालतू] की तरह व्यवहार करना छोड़ देना चाहिए। उनकी इस टिप्पणी की कांग्रेस में तीखी प्रतिक्रिया हुई है।
कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा है कि यह भाषा भाजपा की मानसिकता को उजागर करती है। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को अपने राजनीतिक विरोधियों के बारे में ऐसी भाषा के बारे में सोचना चाहिए।
भाजपा प्रवक्ता राजीव प्रताप रूडी ने नियमित प्रेस ब्रीफिंग में अर्जुन सिंह प्रकरण के बहाने कांग्रेस पर निशाना बनाते हुए पेट्स वाली बात कही। उन्होंने किसी कांग्रेसी नेता का नाम लिए बगैर कहा कि सत्तारूढ़ दल के कुछ नेताओं द्वारा कही जा रही बातें देश की लोकतांत्रिक राजनीति के लिए अशोभनीय हैं। भारत में लोकतंत्र परिपक्व हो चुका है और अब विश्व हमारी ओर देख रहा है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं के लिए बार-बार अंग्रेजी में पेट्स शब्द का इस्तेमाल किया, लेकिन इसका हिंदी में अनुवाद करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वे ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि देश में लोकतंत्र के स्तर को लेकर चिंतित हैं।
भाजपा प्रवक्ता की यह टिप्पणी कांग्रेस को कतई रास नहीं आई। कांग्रेस की नियमित ब्रीफिंग में इसके प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा कि सामान्य शिष्टाचार तो यह है कि किसी दल के अंदरूनी मामलों पर दूसरे दल को कोई टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। यदि कुछ कहना भी है तो शब्दों की शालीनता का भी ध्यान रखा जाता है। इस तरह की भाषा भाजपा की मानसिकता की परिचायक है।