
बेंगलूर। कर्नाटक विधानसभा चुनावों के दूसरे चरण के लिए शुक्रवार को दस जिलों के 66 विधानसभा क्षेत्रों में वोट डाले जाएंगे। इससे एक दिन पूर्व भाजपा ने कहा है कि वह उत्तर कर्नाटक के इन पिछड़े क्षेत्रों को अनुच्छेद 371 के तहत विशेष दर्जा दिलाने के लिए संविधान संशोधन की मांग करेगी।
उधर, कांग्रेस कार्यकर्ता पर हमले के संबंध में पुलिस ने भाजपा प्रत्याशी बी श्रीरामालु की तलाश तेज कर दी है। पुलिस ने इस मामले में उसके विधान पार्षद जी जनार्दन रेड्डी को गिरफ्तार किया, जिन्हें बाद में जमानत दे दी गई। शुक्रवार के मतदान में 589 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करीब एक करोड़ दस लाख मतदाता करेंगे। मतदान शांतिपूर्ण कराने के लिए 56 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे। चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी दे चुके नक्सलियों को देखते हुए नक्सल प्रभावित क्षेत्रों उडुप्पी, शिमोगा और चिकमंगलूर में उपद्रवियों को देखते ही गोली मारने के आदेश दिए गए हैं।
राज्य के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक शंकर बिदारी ने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पांच सौ शक्तिशाली नक्सल निरोधक बल सहित करीब 16 हजार अर्द्धसैनिक बल को तैनात किया गया है। शिमोगा जिले की शिकारीपुरा विधानसभा क्षेत्र पर दो पूर्व मुख्यमंत्रियों भाजपा के येद्दयुरप्पा और समाजवादी पार्टी के एस बंगरप्पा के बीच कांटे का मुकाबला है। यहां अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। बंगरप्पा को कांग्रेस और जनता दल एस दोनों ने ही समर्थन दिया है। पुलिस ने खदान मालिकों के प्रभाव को देखते हुए बेल्लारी को अतिसंवेदनशील जिला घोषित किया है। यहां से भाजपा के पूर्व मंत्री श्रीरामालु चुनाव लड़ रहे हैं। पुलिस को कांग्रेस कार्यकर्ता पर हुए हमले के आरोप में उनकी तलाश है।
पुलिस अधीक्षक अमृत पाल ने बताया कि पुलिस जब घटना स्थल पर पहुंची तो श्रीरामालु वहां से फरार हो गए और जी जनार्दन रेड्डी को हिरासत में ले लिया गया। जमानत पर छूटने के बाद रेड्डी ने कहा कि कांग्रेस ने उनके और श्रीरामालु के खिलाफ झूठे मामले दर्ज कराए हैं। इससे पहले पुलिस श्रीरामालु को कांग्रेस प्रत्याशी अनिल लाड के घर पर हमले के आरोप में गिरफ्तार कर चुकी है।
उधर, भाजपा नेता वेंकैया नायडू ने कहा कि हमें उत्तरी कर्नाटक के लिए अनुच्छेद 371 के मुद्दे पर विचार की जरूरत है क्योंकि पूर्ववर्ती सरकारों ने इसकी अनदेखी की है। इसे भी विदर्भ की तरह एक पैकेज की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भाजपा के पक्ष में लहर है और पार्टी अपने बल पर सरकार बनाने के लिए बहुमत प्राप्त कर लेगी।