
नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। उत्तरप्रदेश में अपना चेहरा चमकाने की कोशिशों में जुटी कांग्रेस को अब अपने 'मुखपत्र' का चेहरा छुपाना पड़ रहा है। कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी के चापलूसों से घिरे होने का आरोप लगा कर बसपा का दामन पकड़ने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री अखिलेश दास पार्टी के मुखपत्र 'कांग्रेस संदेश' के अप्रैल अंक के मुखपृष्ठ से लेकर अंदर के पन्नों पर सोनिया गांधी व राहुल के साथ प्रमुखता से विराजमान हैं।
अखिलेश दास को पार्टी छोड़े दस दिन हो गए हैं और मुखपत्र दो दिन पहले छपा है। इस त्रुटि की गाज किस पर गिरेगी यह तो वक्त बताएगा पर फिलहाल आनन-फानन में कांग्रेस संदेश की छापी गई हजारों प्रतियां वापस लेनी पड़ी है। पार्टी ने मुखपत्र की इन प्रतियों का वितरण रोक इन्हें तालों में बंद कर दिया है और अब मुखपृष्ठ तथा अंदर की तस्वीरों को बदलकर नए सिरे से छापा जा रहा है।
कांग्रेस संदेश के ताजा अंक के मुखपृष्ठ की तस्वीर मार्च में कानपुर में हुए उत्तरप्रदेश कांग्रेस के सम्मेलन की है। इसमें सोनिया गांधी भाषण दे रही हैं और अखिलेश पार्टी महासचिव राहुल गांधी व दिग्विजय सिंह के साथ पहली पंक्ति में बैठे हैं। दूसरी तस्वीर बतौर लेख छापे गए कांग्रेस अध्यक्ष के समापन भाषण में है। इसमें भी अखिलेश अग्रिम पंक्ति में इन नेताओं के साथ खड़े हैं। जबकि तीसरी तस्वीर में अभी-अभी हाथ का दामन छोड़ हाथी को अपना साथी बनाने वाले अखिलेश दास कांग्रेस अध्यक्ष के साथ हैं।
पार्टी मुखपत्र के प्रकाशन से जुड़े पदाधिकारियों ने इस किरकिरी के बारे में पूछने पर बचाव करते हुए कहा कि जब प्रति का बंटवारा ही नहीं हुआ तो वापस लेने की बात कहां आती है। हालांकि अनौपचारिक चर्चा में उन्होंने माना कि जाहिर तौर पर दास की तस्वीरों के कारण नई तस्वीरों के साथ पत्रिका फिर से छापी जा रही है। उनका तर्क था कि जिस व्यक्ति को कांग्रेस ने जीवन भर सब कुछ दिया उसने कीचड़ उछालते हुए पार्टी छोड़ी, फिर ऐसे आदमी को अपने मुखपत्र में एक सेंटीमीटर भी जगह क्यों दी जाए?