पंजाब में राष्ट्रपति शासन लगे: काग्रेस

 
May 16, 08:11 pm

नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। पंजाब में कानून एवं व्यवस्था व संवैधानिक ढांचा चरमरा जाने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की है। राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल से मिलने आए कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि राज्य में सत्तारूढ़ शिरोमणि अकाली दल ने राज्य में पंचायत समितियों व जिला परिषदों के चुनाव जीतने के लिए लोकतांत्रिक व्यवस्था का पूरी तरह गला घोंट दिया है।

पंजाब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजिंदर कौर भट्ठल के नेतृत्व में राष्ट्रपति के पास गुहार लगाने आए प्रतिनिधिमंडल ने गृह मंत्री शिवराज पाटिल और मुख्य चुनाव आयुक्त एन गोपालस्वामी से भी मिलकर शिकायत की है। माना जा रहा है कि चुनाव आयोग ने अमृतसर [दक्षिण] विधानसभा सीट उपचुनाव के लिए तत्काल प्रभाव से एक और पर्यवेक्षक की तैनाती कर दी है। साथ ही वहां अ‌र्द्धसैनिक बलों को भेजने पर भी सहमति जताई है।

राष्ट्रपति को दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि दो साल पहले सत्ता में आने के बाद से ही शिरोमणि अकाली दल-भाजपा गठबंधन कांग्रेसी नेताओं व कार्यकर्ताओं को दबाने की नीति पर चल रहा है। कार्यकर्ताओं को पुलिस झूठे मामलों में फंसा रही है और उन्हें हिरासत में लिया जा रहा है। इससे बचने के लिए कई कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने तो आत्महत्या तक कर ली।

12 मई को हुए पंचायत समितियों व जिला परिषदों के चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवारों के नामांकन फर्जी ढंग से वापस करवा दिए गए। यहां तक कि कई उम्मीदवारों को ब्लॉक डेवलपमेंट अफसरों ने अनापत्ति प्रमाण पत्र ही नहीं दिए। पंजाब पुलिस ने सत्तारूढ़ दल को जिताने के लिए ऐसा आतंक का माहौल बनाया कि उसका ताप भाजपा को भी झेलना पड़ गया। चुनाव अधिकारियों को भी धांधली के लिए दबाव डाला गया जिसके चलते एक चुनाव अधिकारी ने तो आत्महत्या ही कर ली। जबकि आठ पुलिस सुप्रिटेंडेंट्स को जबर्दस्ती छुट्टी पर भेज दिया गया क्योंकि उन्होंने चुनावों में धांधली के आदेश मानने से इनकार कर दिया था। आरोप लगाया गया है कि चुनाव में तीन लोगों की गोली मार कर हत्या की गई और 2000 के करीब कांग्रेस कार्यकर्ता अस्पतालों में हैं। कांग्रेस नेताओं ने इस बात पर हैरानी जताई है कि राज्य में इन हालातों के बावजूद राज्यपाल ने इस संबंध में राष्ट्रपति को कोई रिपोर्ट नहीं भेजी है।

राष्ट्रपति को दिए गए ज्ञापन में अकाल तख्त के जत्थेदार जोगिंदर सिंह वेदांती को अकाली नेता करार देते हुए उनके देश के बाहर दिये गए कथित खालिस्तान संबंधी बयान का उल्लेख करते हुए चेताया गया है कि राज्य को फिर से गुमराह करने की कोशिश की जा रही है। हालांकि मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल पहले ही इस बयान को खारिज कर चुके हैं।

ज्ञापन देने जाने वालों में केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री अंबिका सोनी, कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एचएस हंसपाल, शमशेर सिंह दूलो, हरनाम दास जौहर, परनीत कौर, कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव मनीष तिवारी, जगमीत सिंह बराड़ व अन्य वरिष्ठ नेता गए थे।




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