
नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। जयपुर विस्फोटों पर कांग्रेस और भाजपा के बीच छिड़ी राजनीतिक जंग शुक्रवार को उस समय नए उफान पर पहुंच गई जब कांग्रेस ने विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी की तुलना आतंकियों से कर दी। कांग्रेस ने कहा कि आतंकियों की मंशा विस्फोटों के जरिये सांप्रदायिक उन्माद भड़काने की थी और आडवाणी और वसुंधरा राजे विस्फोटों के बाद अपने बयानों से यही काम कर रहे हैं।
विस्फोटों का ठीकरा एक दूसरे के सिर फोड़ने के क्रम में कांग्रेस-भाजपा के बीच दो दिनों से कीचड़ उछालो अभियान चल रहा था। इस क्रम में कांग्रेस ने आडवाणी के खिलाफ अपने प्रहार अचानक तेज कर दिए। पार्टी प्रवक्ता शकील अहमद ने कहा कि वह विपक्ष के नेता की तुलना आतंकी से नहीं कर रहे। कांग्रेस का मानना है चाहे आडवाणी, वसुंधरा हों या कोई और नेता अगर सांप्रदायिक उन्माद भड़काता है तो फिर वही काम कर रहा है जो आतंकी चाहते हैं। शकील ने कहा कि स्टेट्समैन और बड़े नेताओं का काम पीड़ितों के घाव पर मरहम लगाना तथा सांत्वना देना होना चाहिए न कि जैसा आडवाणी कर रहे हैं।
कांग्रेस का आडवाणी पर यह हमला कुछ-कुछ वैसा ही जैसा उसने गुजरात के पिछले चुनाव में नरेंद्र मोदी को मौत का सौदागर बताकर किया था। कांग्रेस के इस हमले के बाद दोनों पार्टियों के बीच राजनीतिक घमासान का नया दौर शुरू होना तय माना जा रहा है। भाजपा नेताओं को कटघरे में खड़ा करने के क्रम में शकील इतने पर ही नहीं रूके बल्कि आडवाणी और भाजपा की इसके लिए निंदा भी की। उनका कहना था कि कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी राज्य सरकार पर है और केंद्र समय-समय पर सर्तकता की हिदायत देता रहता है। इसलिए मुख्यमंत्री अपनी विफलता छुपाने के लिए भड़काऊ बातें कर रही हैं।