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राहुल बोले, थोड़ा और दो चावल-दाल

May 17, 03:33 pm
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अमेठी [जागरण संवाददाता]। ..लोगों का काम है कहना। कुछ इसी अंदाज में राहुल गांधी ने अपने दलित प्रेम को लेकर उठती बातों को खारिज करने की कोशिश की। शुक्रवार की रात वह फिर एक दलित बस्ती में जा बैठे। बस्ती थी-बनपुरवा गड़ेरी। यहां महिलाओं ने उनके स्वागत में पलक पावड़े बिछा दिए। पूड़ी-सब्जी और चावल-दाल बनाया। दोने-पत्ताल में सजाकर राहुल के सामने परोस दिया। खाना इतना पसंद आया कि राहुल दोबारा मांग बैठे-थोड़ा और दो।

गांव बनपुरवा गड़ेरी में 35 घर दलितों के है। यहां राजीव गांधी महिला विकास परियोजना में कई स्वयं सहायता चलते है। समूह से जुड़ी महिलाओं के साथ बैठक कर राहुल ने मायावती सरकार पर भी निशाना साधा। उनका कहना था कि केंद्र सरकार दलितों के साथ ही समाज के सभी वर्ग का विकास करना चाहती है, लेकिन प्रदेश सरकार हर कदम पर रोड़े अटका रही है। राहुल के इस बयान पर दलित महिलाओं ने भी उनका साथ दिया।

चटकीला, जगपता, सीता का कहना था कि मायावती को अब तक हम सभी ने न तो देखा है और न ही वह हमारे बीच आई है। राहुल भइया हमारे बीच आए, हालचाल पूछने के साथ ही उन्होंने हमारी निजी समस्याओं को भी दूर करने का आश्वासन दिया है। महिलाओं ने जब राहुल से भोजन करने का आग्रह किया तो उन्होंने सहर्ष स्वीकार कर लिया। सांसद ने महिलाओं के ही बीच बैठकर पत्ताल व दोने में पूड़ी-सब्जी और दाल-चावल खाया। खाने का गुणगान करते हुए उन्होंने दोबारा मांगा, तो झटपट महिलाएं दाल चावल ले आई। अपने खाने की तारीफ सुनकर महिलाओं की खुशी का ठिकाना न था।

पहले भी राहुल ने संग्रामपुर के पूरे जवाहर में दलित के घर में रात्रि विश्राम किया था। उनका यह दलित प्रेम देख राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई थी। बसपा सुप्रीमो ने राहुल के दलित प्रेम को नाटक करार दिया था।

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