शकील के बयान पर भाजपा आग बबूला

 
May 17, 09:53 pm

नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। केंद्र में गृह राज्यमंत्री के दायित्व के साथ काग्रेस प्रवक्ता की जिम्मेदारी संभाल रहे शकील अहमद को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष लालकृष्ण आडवाणी व राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की आतंकियों से तुलना काफी भारी पड़ सकती है।

इस बयान से भड़की भाजपा ने शकील की सरकार से बर्खास्तगी की साथ कांग्रेस से सार्वजनिक तौर पर माफी मांगने को भी कहा है। इसे लेकर भाजपा व कांग्रेस के बीच ठन गई है। कांग्रेस ने भाजपा की मांग को तुरंत ठुकरा भी दिया।

भाजपा प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि शकील अहमद सिर्फ कांग्रेस के प्रवक्ता ही नहीं है, बल्कि मंत्री भी है। ऐसे में उनकी यह टिप्पणी बेहद गंभीर है। उन्होंने मंत्री पद की मर्यादा भी तोड़ी है। अपने मंत्री की इस गैर जिम्मेदाराना हरकत पर कांग्रेस व सरकार को शर्म आनी चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मांग की है कि वे ऐसे गैर जिम्मेदार मंत्री को तत्काल सरकार से बर्खास्त कर दें। प्रसाद ने कहा, लगता है कि कांग्रेस इतिहास से भी सबक नहीं सीख रही है। गुजरात चुनावों के दौरान भी उसकी नेता ने भाजपा के मुख्यमंत्री को मौत का सौदागर कहा था और उसके बाद कांग्रेस पार्टी का क्या चुनावी हश्र हुआ सबके सामने है। लगता है, अब कर्नाटक के चुनाव नतीजों के पहले यह वैसी ही बौखलाहट है।

सरकार द्वारा नए एलपीजी [रसोई गैस] कनेक्शनों पर रोक लगाने की तैयारी की तीखी आलोचना करते हुए भाजपा नेता ने कहा कि महंगाई से आम आदमी पहले ही बेहाल था, अब सरकार उसके घर का चूल्हा भी बंद करने जा रही है। इससे आम आदमी और टूटेगा। भाजपा सरकार के ऐसे किसी भी कदम का विरोध करेगी।

कांग्रेस ने जायज ठहराया शकील अहमद के माफी मांगने और उन्हें मंत्रिमंडल से हटाने की भाजपा की मांग को कांग्रेस ने बिना देरी किए ठुकरा दिया। पार्टी ने आडवाणी और वसुंधरा के खिलाफ की गई गंभीर टिप्पणियों को जायज भी ठहराया। खुद शकील अहमद ने कांग्रेस प्रवक्ता की हैसियत से भाजपा की इन दोनों मांगों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि जयपुर विस्फोटों का भाजपा नेता राजनीतिकरण कर रहे हैं। इस क्रम में चाहे जाने-अनजाने ही सही वे आतंकियों की मदद कर रहे हैं। इसलिए उनके माफी मांगने का प्रश्न ही नहीं उठता।

भाजपा प्रवक्ता रविशंकर की मांगों पर कटाक्ष करते हुए शकील ने कहा कि भाजपा नेताओं की खिसियाहट से स्पष्ट है कि हकीकत कितनी कड़वी होती है। उन्होंने साफ किया कि कांग्रेस आडवाणी और वसुंधरा पर लगाए गए अपने आरोपों से पीछे नहीं हटेगी। शकील ने कहा, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी भी विस्फोट के बाद जयपुर गई थी लेकिन कोई राजनीतिक टिप्पणी नहीं की। कानून-व्यवस्था राज्य सरकार की जवाबदेही है और वह इसका पूरा दोष वसुंधरा सरकार पर मढ़ सकती थीं। जबकि आडवाणी व वसुंधरा पहले दिन से केंद्र और खासकर कांग्रेस को न केवल दोषी ठहराने में जुटे हैं बल्कि उनका मकसद सांप्रदायिक भावनाएं उभारकर राजनीतिक रोटी सेंकना है।




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