मिलकर चुनाव लड़ेगा संप्रग

 
May 22, 09:17 pm

नई दिल्ली। अपनी सरकार की चौथी सालगिरह के जश्न के दौरान संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन [संप्रग] और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अगले लोकसभा चुनाव घटक दलों के साथ मिलकर लड़ने का संकेत दिया है।

उन्होंने सीधे-सीधे तो ऐसा नहीं कहा लेकिन इशारा काफी था। उन्होंने कहा कि मुझे उम्मीद है कि आने वाले दिनों में एक टीम की तरह मिलकर जनता की फिर से सदभावना अर्जित करने में हम सफल होंगे। संप्रग सरकार के चार साल पूरे होने के मौके पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा आयोजित रात्रिभोज में सभी घटक दलों की मौजूदगी के बीच हिंदी में दिए गए अपने भाषण में सोनिया ने कहा कि मैं यह मानती हूं कि हमारे सभी सहयोगी दलों की अपनी अपनी विशेष स्थिति और अपना-अपना दृष्टिकोण है फिर भी जनता की इच्छाओं को पूरा करने के लिए ये सब एक साथ खड़े रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी दलों ने सिर्फ अपनी पार्टी के हितों का ख्याल नहीं रखा बल्कि सिद्धांतों और मूल्यों को शक्ति प्रदान की। कांग्रेस अध्यक्ष का यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले दिनों संप्रग के महत्वपूर्ण घटक राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार ने भी सभी घटक दलों के मिलकर चुनाव लड़ने की इच्छा जताई थी। हालांकि लोक जनशक्ति पार्टी के नेता राम विलास पासवान का कहना है कि राज्यों की विशेष स्थितियों के कारण ऐसा हर जगह संभव नहीं हो सकता। फिर भी कांग्रेस अध्यक्ष का ऐसे मौके पर यह संकेत अगले चुनावों में टीम की तरह उतरने की इच्छा की अभिव्यक्ति माना जा सकता है।

संप्रग अगला चुनाव किसके नेतृत्व में लड़ेगा विपक्ष के इस सवाल का सीधा जवाब देने से संप्रग अध्यक्ष ने परहेज किया लेकिन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की तारीफ के कसीदे पढ़ने में कोई संकोच नहीं दिखाया। प्रधानमंत्री की तारीफ में सोनिया ने कहा कि उनका स्वभाव ऐसा है कि वह चाहते हैं कि वह नहीं बल्कि उनका कार्य बोले। उनकी कार्यशैली की अपनी विशिष्टता है जो लोगों को थोड़ा मुश्किल से समझ आती है लेकिन वक्त ने बता दिया है कि उनका नेतृत्व कितना प्रभावशाली है। सोनिया का यह कथन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि आज ही प्रमुख विपक्षी दल भाजपा ने मनमोहन सिंह को निष्प्रभावी (लेमडक) प्रधानमंत्री करार दिया था। सोनिया ने कहा कि जनता ने अपनी कुछ चिंताओं और उम्मीदों को ध्यान में रखते हुए संप्रग को शासन सौंपा था और प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उन चिंताओं को दूर करने में सफलता हासिल हुई है और काफी कुछ ऐसा कार्य हुआ है कि जिन पर हम गर्व कर सकते हैं। संप्रग ने जो वायदे किए थे उनमें से बहुत से पूरे कर दिए गए हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सरकार को एक दृष्टि और दिशा दी है। देश को सामाजिक एवं आर्थिक विकास के रास्ते पर ले जाने के लिए मैं उन्हें और उनकी सरकार को आप सबकी ओर से बधाई देती हूं। सोनिया ने राजग शासन पर परोक्ष रूप से कटाक्ष करते हुए कहा कि चार साल पहले देशवासियों ने संप्रग के पक्ष में उस समय जनादेश दिया जब धर्म निरपेक्ष मूल्यों को समाप्त किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि यह जनादेश उन चिंताओं को दूर करने के लिए भी था जिन पर ध्यान नहीं दिया जा रहा था। यह जनादेश कृषि और अन्य क्षेत्रों में विकास तेज करने के लिए था जिसकी उपेक्षा की जा रही थी।

सोनिया ने कहा कि संप्रग को यह जनादेश शिक्षा सामाजिक क्षेत्र को फिर से जीवंत बनाने के लिए था। यह समाज के सभी वर्र्गो के सशक्तीकरण के लिए था और इसी जनादेश का सम्मान करने के लिए संप्रग के सब घटक दलों ने मिलकर सरकार बनाई।

उन्होंने कहा कि पिछले 48 महीनों में संप्रग सरकार के कार्यकाल का यह लेखाजोखा पूरी तरह पारदर्शी है। इसमें कोई भी दावा गलत या बढ़ा-चढ़ा कर नहीं किया गया है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि इस रिपोर्ट कार्ड के जरिए संप्रग अपने शासन का मूल्यांकन कर रहा है और अच्छे कामों और उपलब्धियों के साथ हमें भविष्य की राजनीतिक और आर्थिक चुनौतियों का भी अहसास है और साथ ही यकीन है कि हम एक रहकर उसका सामना कर सकते हैं।




लेख को दर्जा दें

दर्जा दें

0 out of 5 blips

(0) वोट का औसत

average:0
Saving...
    शीर्षकों को अपने "मेरा याहू " पृष्ट पर शामिल करें
  • राजनीति
    Add to My Yahoo! xml
  • अपराध
    Add to My Yahoo! xml
  • दुर्घटना
    Add to My Yahoo! xml
  • आतंकवाद
    Add to My Yahoo! xml
इस पृष्ठ की सामग्री जागरण प्रकाशन लिमिटेड द्वारा प्रदान की गई है
कॉपीराइट © 2009 याहू वेब सर्विसेज़ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड सर्वाधिकार सुरक्षित