
कोलकाता। फारवर्ड ब्लाक के महासचिव देवव्रत विश्वास ने सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के जापान से लौटने के बाद वामपंथी पार्टियां परमाणु करार पर संप्रग सरकार से समर्थन वापस लेने का अपना पत्र 10 जुलाई तक राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल को सौंप देंगी।
राज्यसभा सदस्य विश्वास ने संवाददाताओं से कहा कि यह चारों वामपंथी पार्टियों माकपा, भाकपा, आरएसपी और फारवर्ड ब्लाक का सर्वसम्मत फैसला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नीत संप्रग सरकार संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों को ताक पर रखकर 123 समझौते को लेकर अमेरिका के प्रति प्रतिबद्ध है। समर्थन वापसी का फैसला अपरिवर्तित है।
दिन में माकपा महासचिव प्रकाश करात से फोन पर बातचीत करने के बाद विश्वास ने कहा कि समर्थन वापसी का फैसला वामपंथी दलों के पत्र पर विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी के उत्तर से प्रभावित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि मुखर्जी एक और बैठक का प्रस्ताव कर सकते हैं, लेकिन उससे फैसला प्रभावित नहीं होगा।
पत्र में समर्थन वापसी के कारणों में परमाणु करार के अलावा बढ़ती कीमतें और मुद्रास्फीति का भी जिक्र किया जाएगा। उन्होंने कहा कि चारों वामपंथी पार्टियां स्थिति का जायजा लेने और कोई राजनीतिक विकल्प खोजने के लिए मंगलवार को बैठक करेंगी।