
नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। केंद्र की संप्रग सरकार पर वामदलों के हल्ला बोल से पहले बाजी मारते हुए भाजपा ने सरकार की असफलताओं पर लंबा-चौड़ा आरोप पत्र पेश किया है। पार्टी ने 88 पृष्ठ के इस दस्तावेज में संप्रग सरकार के कार्यकाल को 'आम जनता के साथ विश्वासघात' व 'कुशासन' के साढ़े चार साल करार दिया है। यह दस्तावेज तैयार तो मई में ही हो चुका था, लेकिन रणनीति के तहत इसे अब जारी किया गया। इसलिए इसमें अमरनाथ मुद्दा व महंगाई के ताजा आंकड़े शामिल नहीं हो सके है।
चुनावी जंग के लिए तैयार हो रही राजनीतिक जमीन पर भाजपा ने संप्रग को कठघरे में खड़ा करने का पहला दांव खेलते हुए उसकी असफलताओं का उल्लेख 88 पृष्ठों में किया है। इस दस्तावेज के मुख्य पृष्ठ पर ही भाजपा ने 'गरीबों के पेट पर लात, राष्ट्रीय सुरक्षा पर आघात, यही है यूपीए की खास बात' का जुमला प्रयोग कर व्यंग्य चित्र के माध्यम से करारा हमला बोला है।
भाजपा ने इसमें सबसे ज्यादा जोर महंगाई व आर्थिक कुप्रबंधन पर दिया है। अन्य प्रमुख मुद्दों में अप्राकृतिक गठबंधन, संवैधानिक संस्थाओं का अवमूल्यन, देश के विभाजन का प्रयास, रामसेतु मुद्दा, भारत निर्माण की पोल, विफल विदेश नीति, खतरे में आंतरिक सुरक्षा व घोटालों की सरकार जैसे विषयों पर जमकर आरोप लगाए गए हैं।
सूत्रों के अनुसार वामदलों द्वारा सरकार से समर्थन वापसी के साथ ही जनता के सामने आरोप पत्र पेश करने की तैयारी को देखते हुए भाजपा ने अपना आरोप पत्र पहले जारी कर दिया है ताकि वह इस मामले में वामदलों से पिछड़ न जाए।
भाजपा प्रवक्ता राजीव प्रताप रूड़ी ने कहा है कि इन चार साल में देश को सांप्रदायिक आधार पर बांटने के जो कुप्रयास किए गए और जिस तरह तुष्टीकरण की नीति पर अमल किया गया है, वैसा आजाद भारत में कभी नहीं हुआ। बहुसंख्यक हिंदुओं को तमाम मौकों पर उपेक्षित ही नहीं अपमानित करने में भी कोई कसर नहीं छोड़ी गई। उन्होंने कहा कि चूंकि यह दस्तावेज पहले तैयार हो चुका था, इसलिए इसमें अमरनाथ मुद्दा व महंगाई के ताजा आंकड़े शामिल नहीं है। भाजपा इस दस्तावेज को अपनी गांव-गांव तक फैली इकाइयों तक पहुंचाएगी, जिससे पार्टी कार्यकर्ता आम जनता को इस सरकार की असलियत से वाकिफ करा सकें।