
नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। लोकसभा में बहुमत के जादुई आंकड़े के परीक्षण से पहले प्रत्यक्ष रूप में संप्रग अपने सांसदों की गिनती करेगा। इसकी शुरुआत शनिवार को होगी। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी राज्यवार अलग-अलग समूहों में पार्टी सांसदों से मुखातिब होंगी।
विश्वास मत में हिस्सा लेने के लिए कांग्रेस और संप्रग के सभी सांसदों को शुक्रवार को ही दिल्ली पहुंचना सुनिश्चित करने को कहा गया था। इसीलिए 19 जुलाई को सोनिया गांधी से कांग्रेस सांसदों को मुखातिब कराने का कार्यक्रम बनाया गया ताकि कम से कम अपना कुनबा समय रहते पहुंच जाए। राज्यवार सांसदों से मिलने का यह सिलसिला सबेरे दस बजे ही शुरू हो जाएगा और पूरे दिन चलेगा। सांसदों के साथ राज्यों के प्रभारी महासचिव भी मौजूद रहेंगे।
इधर रविवार को संप्रग और मित्र दलों के सांसदों के लिए प्रधानमंत्री के भोज का न्यौता भेज दिया गया है। कुछ निमंत्रण पत्र भेजे जाने के लिए तैयार भी हैं बस केवल उन पर नाम लिखा जाना बाकी है। यह निमंत्रण उनलोगों के लिए होगा जो संप्रग के बाहर होते हुए भी सरकार बचाने के लिए आगे आए हैं।
इस बीच, लोकसभा के भीतर आपसी समन्वय में किसी तरह की चूक की गुंजाइश नहीं छोड़ने के लिए कांग्रेस व संप्रग के घटक दलों के सचेतकों की मंत्रणाओं का दौर चल रहा है। वहीं अपने कुनबे के सांसदों की वास्तविक संख्या का आकलन करने के लिए शुक्रवार को पार्टी महासचिवों की बैठक भी हुई। जबकि अंकगणित के ताजा आंकड़ों और बहुमत के लिए कम पड़ रहे सांसदों के जुगाड़ को लेकर प्रधानमंत्री निवास पर कांग्रेस कोर कमेटी की बैठक हुई। इसमें ताजातरीन हालतों की समीक्षा की गई। समझा जाता है कि इसमें झारखंड मुक्ति मोर्चा नेता शिबू सोरेन और रालोद नेता अजित सिंह द्वारा समर्थन करने की एवज में की जा रही मांग के राजनीतिक नफा-नुकसानों का विश्लेषण हुआ।