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मराठी जनता चाहे तो करेगे शासन: राज

Jul 20, 03:44 pm
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मुंबई। एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे ने कहा कि अगर मराठी जनता चाहेगी तो उनकी पार्टी राज्य में वास्तविक रूप से शासन करेगी।

एमएनएस प्रमुख ने यह टिप्पणी मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख के उस बयान के संदर्भ की है जिसमें उन्होंने कहा था कि राज की पार्टी समानांतर सरकार चला रही है।

देशमुख के नाम लिखे पत्र में राज ने कहा कि मेरी सरकार समानांतर सरकार चलाने में रुचि नहीं है, लेकिन अगर हमें मराठी लोगों का समर्थन मिला तो महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना वास्तविक रूप से सरकार चलाएगी। राज का यह खत प्रमुख मराठी दैनिक लोकसत्ता में प्रकाशित हुआ है।

राज ठाकरे ने दुकानदारों को एक पत्र लिखकर मराठी में नेमप्लेट लिखने का आग्रह किया था। उन्होंने एक पत्र अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों को भी लिखा। जिसमें हिदायत दी गई थी कि वे मराठी को पहली कक्षा से ही आवश्यक भाषा बनाएं। इसके अलावा उन्होंने एक पत्र मराठी अधिकारियों को लिखकर उन्हें उत्तर भारतीयों की मदद न करने की हिदायत दी थी। राज की चिट्ठियों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा था कि एमएनएस को समानांतर सरकार नहीं चलानी चाहिए। राज ने उनके बयान का मजाक बनाने को मुख्यमंत्री की आलोचना की।

उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र मेरा गृह स्थान है और मराठी मेरी मातृभाषा। इसलिए महाराष्ट्र के लिए जागरूक नागरिक के तौर पर मैं समझता हूं कि यह जांच करना मेरा कर्तव्य है कि मराठी का हर जगह इस्तेमाल किया जा रहा है।

राज ने मुख्यमंत्री के उस बयान की आलोचना भी जिसमें उन्होंने कहा था कि लोगों के पास कोई काम नहीं है, इसलिए वे सिर्फ पत्र लिखते हैं।

हाल में प्रकाशित पुस्तक टू एलोन टू टूगेदर की चर्चा करते हुए राज ने कहा कि इसमें जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी द्वारा एक दूसरे को लिखे प ा हैं। उन्होंने कहा कि इस किताब की प्रस्तावना सोनिया गांधी ने लिखी है। फिर कोई यह कैसे कह सकता है कि सिर्फ खाली हाथ लोग ही पत्र लिखते हैं।

राज ने उत्तर भारतीयों का विरोध दोहराते हुए कहा कि बिहार और उत्तर प्रदेश से आने वाले प्रवासी झुग्गी-झोपडि़यां बनाकर सरकारी जमीन पर कब्जा कर रहे हैं।

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