नोएडा। केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान और सपा के महासचिव अमर सिंह सहित लोजपा तथा समाजवादी पार्टी के नेताओं को सोमवार को ग्रेटर नोएडा में प्रवेश नहीं करने दिया गया। यहां पर किसानों के आंदोलन के दौरान चार लोगों की मौत हो गई थी।
पासवान और सिंह को दिल्ली उप्र सीमा पर ही रोक दिया गया जबकि लोजपा प्रमुख के छोटे भाई तथा सांसद रामचंद्र पासवान को उत्तर प्रदेश पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
गत सप्ताह पुलिस की गोलाबारी में मारे गए लोगों के परिजनों को दो लाख रुपये की राहत राशि देने के लिए ये नेता ग्रेटर नोएडा जा रहे थे। पुलिस ने पासवान से ग्रेटर नोएडा की ओर न बढ़ने का आग्रह किया जिसके बाद वह और सिंह वापस लौट गए।
सिंह ने संवाददाताओं को बताया कि भूमि अधिग्रहण के मामले में उप्र की मुख्यमंत्री मायावती पश्चिम बंगाल सरकार की नीतियां अपना रही हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी सिंगुर में विरोध प्रदर्शन करेगी।
हालांकि जिला प्रशासन ने लोजपा और सपा नेताओं को 25 से 28 अगस्त के बीच राहत राशि वितरित करने की अनुमति दे दी। गत 13 अगस्त को किसानों ने अधिग्रहित भूमि के उचित मुआवजे की मांग को लेकर आंदोलन किया था। यह आंदोलन हिंसक हो गया जिसके बाद पुलिस की गोलीबारी में 15 पुलिस वालों सहित 50 लोग घायल हो गए जबकि चार की मौत हो गई। वर्ष 2003 तथा 2005 में उप्र सरकार द्वारा अधिग्रहित की गयी जमीन के लिए किसान वर्ष 2008 में किए गए अधिग्रहण की तर्ज पर अधिक मुआवजे की मांग कर रहे थे।