
इंदौर। सियासत से दूरी बनाकर सामाजिक क्षेत्र में उतरे विचारक के एन गोविंदाचार्य ने प्रतिबंधित संगठन सिमी की कथित तरफदारी पर रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव की कड़ी निंदा की।
इंदौर में संवाददाताओं से मुखातिब गोविंदाचार्य ने आतंकी वारदातों में भूमिका का संगीन आरोप झेल रहे सिमी से जुड़े सवाल पर कहा कि लालू प्रसाद यादव जैसे अवसरवादी नेताओं द्वारा प्रतिबंधित संगठन की तरफदारी गैर जिम्मेदाराना और निंदनीय है। देश की एकता और अखंडता की कीमत पर राजनीतिक फौरन बंद होनी चाहिये।
बहरहाल, जब उनसे पूछा गया कि कुछ सियासी खेमे सिमी की तरह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ [आरएसएस] पर भी प्रतिबंध लगाने की मांग करते रहे हैं तो उन्होंने कहा कि आरएसएस पर प्रतिबंध की मांग से मैं पूरी तरह असहमत हूं। इस मांग में रत्तीभर भी ईमानदारी नहीं है। दरअसल यह परोक्ष
रूप से सिमी की तरफदारी का तरीका
और अल्पसंख्यकवाद की राजनीति का पैंतरा है।
भारतीय जनशक्ति पार्टी की अध्यक्ष उमा भारती के राजनीतिक भविष्य पर गोविंदाचार्य ने कहा कि वह एक सक्षम नेत्री है और अपना भला-बुरा समझती हैं।
गोविंदाचार्य ने सांसद घूस कांड के संबंध में उमा की ओर से जारी सीडी को एक निजी समाचार चैनल की सीडी का छोटा हिस्सा बताया। जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ श्राइन बोर्ड जमीन मसले को लेकर बरकरार तनाव पर भारतीय जनता पार्टी के पूर्व महासचिव ने कहा कि ऐसा लगता है कि कुछ देशी और विदेशी ताकतें जम्मू-कश्मीर के मुद्दे का ठीक उसी तरह अंतरराष्ट्रीयकरण करना चाहती है, जैसा आज से करीब साठ साल पहले हुआ था।
उन्होंने जोर देकर कहा कि केंद्र सरकार को अमरनाथ श्राइन बोर्ड को फौरन जमीन वापस देकर अपनी गलती सुधार लेनी चाहिए।