नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने दागी मंत्रियों को केंद्र तथा राज्य सरकारों से हटाने का आग्रह करने वाली याचिका को इसी कोर्ट की पांच सदस्यीय पीठ को सौंप दिया।
मुख्य न्यायाधीश केजी बालाकृष्णन, न्यायमूर्ति पी सदाशिवम और न्यायमूर्ति जे एम पांचाल की पीठ ने मनोज नारूला द्वारा दाखिल याचिका को संविधान पीठ को सौंप दिया क्योंकि इसमें जनहित से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया गया है।
याचिकाकर्ता के अनुसार देश में सार्वजनिक जीवन को स्वच्छ रखने
तथा राजनीति के अपराधीकरण को रोकने के लिए आपराधिक पृष्ठभूमि
और भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे मंत्रियों को सरकार से बाहर
किया जाना जरूरी है। जब तक आपराधिक छवि वाले और भ्रष्ट लोगों
को मंत्री बनने से रोका नहीं जाएगा ऐसा होना संभव नहंी है। आपराधिक पृष्ठभूमि वाले तथा खराब रिकार्ड वाले लोगों को देश का किस्मत तय करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। स्वच्छ सार्वजनिक जीवन लोकतंत्र का नैतिक मानदंड होना चाहिए।