भोपाल। दिल्ली के सत्ता केंद्र में मजबूत हो रही समाजवादी पार्टी [सपा] को शनिवार को मध्य प्रदेश में तगड़ा झटका लगा। खास बात यह है कि दिल्ली में जिस कांग्रेस के साथ दोस्ती गांठ कर सपा मजबूत स्थिति में आई है, मध्य प्रदेश में सपा के विधायक टूट कर उसी कांग्रेस को मजबूत करने जा रहे हैं। सपा के चार विधायकों ने अपनी उपेक्षा का आरोप लगाते हुए पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। चर्चा है कि ये सभी कांग्रेसी खेमे में शामिल होने वाले हैं। सपा को राज्य में यह झटका चुनाव से ऐन पहले लगा है।
सपा विधायक अर्जुन पलिया ने बताया कि उनके अलावा वंशमणि प्रसाद वर्मा, विक्रम सिंह, नाती राजा और के.के. सिंह ने पार्टी अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव और प्रदेश अध्यक्ष नारायण त्रिपाठी को अपने-अपने त्यागपत्र भेज दिए हैं।
पलिया ने कहा कि सपा ने हम पर शुरू से अविश्वास किया, जबकि हमने पार्टी के लिए सब कुछ किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि विधायकों ने त्यागपत्र पार्टी से दिया है, विधायक पद से नहीं। इसलिए इस्तीफा विधानसभा अध्यक्ष को भेजने की आवश्यकता नहीं है।
राज्य विधानसभा के चुनावों में लगभग तीन माह ही शेष हैं। इन चारों विधायकों के बारे में चर्चा है कि वे शीघ्र ही कांग्रेस का दामन थामने वाले हैं। विधानसभा में सपा के कुल आठ विधायक हैं।