नई दिल्ली। राष्ट\पति प्रतिभा पाटिल के काफिले में मौजूद कारों की संख्या को लेकर विभिन्न राज्यों द्वारा पेश सुरक्षा जोखिमों के तर्क को स्वीकार करते हुए राष्ट्रपति सचिवालय ने ऐसी यात्राओं के दौरान कारों की संख्या में पचास प्रतिशत कटौती करने का फैसला किया है।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि महाराष्ट्र सहित कुछ राज्यों के गृह मंत्रालयों ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से संपर्क कर कहा है कि राष्ट्रपति के काफिले में शामिल कारों की संख्या इतनी ज्यादा होती है कि राज्य के पुलिस प्रमुख और मुख्य सचिव की कार काफी पीछे छूट जाती है। गौरतलब है कि राष्ट्रपति महाराष्ट्र अक्सर आती जाती हैं। अधिकारियों ने कहा कि गृह मंत्रालयों का तर्क है कि आपातकाल की स्थिति में इन दो अधिकारियों को हालात अपने हाथ में लेने होते हैं और घटनास्थल पर आवश्यक आदेश जारी करने होते हैं। सूत्रों ने कहा कि एक पुलिस प्रमुख ने कहा था कि आपातकाल की स्थिति में उसे कोई भी आदेश जारी करने से पहले घटनास्थल तक पहुंचना होगा और उसे इसके लिए लगभग आधा किलोमीटर का रास्ता तय करना होगा।
राष्ट्रपति सचिवालय ने इन परिस्थितियों पर गौर करते हुए राष्ट्रपति के काफिले में शामिल 40 कारों की संख्या को घटाकर 20 करने का फैसला किया है, और राष्ट्रपति के कर्मचारियों को काफिले में शामिल एक बस में चलने को कहा है। प्रधानमंत्री के काफिले को घटाकर दस कारों से भी कम कर दिया गया है।