
नई दिल्ली। माकपा के एक सांसद ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से कथित हिंदू संगठनों के आतंकी अपराधों की जांच के लिए विशेष न्यायाधिकरण गठित करने की मांग की है।
सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता शीतलवाड़, फिल्म निर्माता महेश भट्ट और सेवानिवृत न्यायाधीश बीजी कोलसे पाटिल द्वारा सौंपे गए ज्ञापन के आलोक में भेजे गए पत्र में लोकसभा सदस्य हन्नन मुल्ला ने कहा कि न्यायाधिकरण में सुप्रीम कोर्ट के तीन न्यायाधीशों को शामिल किया जाना चाहिए। शीतलवाड़ और अन्य ने अपने ज्ञापन में आरोप लगाया है कि सीबीआई और आतंकवाद विरोधी दस्ते नांदेड़ परभनी, पुर्नेस, जालना और कानपुर में कई बम विस्फोटों की जांच में कोताही बरत रहे हैं जिनमें कथित तौर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और बजरंग दल के कार्यकर्ता शामिल थे। तीस्ता शीतलवाड़ ने कि कहा नांदेड़ में विस्फोटक एकत्र करने वाले दो आरोपियों हिमांशु पनसे और मरोती वाघ ने नागपुर में भोसला सैन्य स्कूल में 40 दिनों का प्रशिक्षण हासिल किया था। उसके बाद उन्होंने 2003 में पुणे के पास घौसिया मस्जिद में बम विस्फोट किए।
याचिकार्ताओं ने हालिया कानपुर विस्फोटों के आलोक में संघ एवं बजरंग दल के अलावा सनातन संस्था हिन्दू जागरण समिति और गुरुकृपा प्रतिष्ठान जैसे हिन्दू संगठनों की भूमिका की विस्तृत जांच कराए जाने की मांग की। घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए बजरंग दल ने यहां कहा कि सरकार हमेशा उनकी गतिविधियों पर नजर रखती है। बजरंग दल के संयोजक प्रकाश शर्मा ने कहा कि पुलिस और खुफिया ब्यूरो के अधिकारी हमेशा हमारे प्रशिक्षण शिविरों में शामिल होते रहे हैं। उनसे पूछिए कि क्या हम विस्फोटक बनाने का प्रशिक्षण देते हैं।