इस बार दक्षिण से चुनावी बिगुल फूंकेगी भाजपा

 
Sep 07, 03:40 pm

नई दिल्ली। भाजपा आगामी चुनावों की रणभेरी पहली बार देश के किसी दक्षिणी राज्य से फूंकने जा रही है। कर्नाटक के रूप में दक्षिण के किसी राज्य में पहली बार अपने बूते सरकार बनाने से उत्साहित पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार लालकृष्ण आडवाणी तेरह सितंबर को बेंगलूरु से विजय संकल्प रैलियों का श्रीगणेश करेंगे।

इस बीच, भगवा पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक भी 12 से 14 सितंबर तक बेंगलूरु में ही आयोजित हो रही है। विजय संकल्प रैलियों के संयोजक और पार्टी के उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने रविवार को बताया कि तेरह सितंबर को बेंगलूरु में आडवाणी द्वारा विजय संकल्प रैली को संबोधित करने के साथ ही देश भर में ऐसी रैलियों का शुभारंभ हो जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार आडवाणी चुनावों से पूर्व देश भर में सौ से अधिक विजय संकल्प रैलियों को संबोधित करेंगे। उन्होंने बताया कि इन संकल्प रैलियों का मुख्य जोर उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्यप्रदेश, उड़ीसा, महाराष्ट्र, गुजरात, आंध्रप्रदेश, केरल, पश्चिम बंगाल, असम व झारखंड में होगा।

नकवी ने बताया कि 12 से 14 सितंबर तक बेंगलूरु में चलने वाली पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक कई मायनों में महत्वपूर्ण है। इसमें जहां चुनावों की पार्टी की तैयारियों का गहराई से जायज़ा लिया जाएगा वहीं चौतरफा बढ़ते आतंकवाद, सिमी के साथ केंद्र सरकार और उसके सहयोगी दलों के मित्रतापूर्ण व्यवहार, भ्रष्टाचार, परमाणु करार और कमरतोड़ महंगाई जैसे चुनावी मुद्दों पर चर्चा होगी। उन्होंने बताया कि नवंबर में छह विधानसभाओं मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर व मिजोरम के चुनाव होने हैं। झारखंड के राजनीतिक हालात भी चुनाव की आहट दे रहे हैं, लोकसभा चुनाव भी इसी साल अथवा अगले साल के शुरू में होने हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी इन चुनावों में विजय संकल्प के लक्ष्य को पूरा करने के लिए जमीनी रणनीति के ब्लू प्रिंट पर भी बेंगलूरु में होने वाली राष्ट्रीय कार्यकारिणी में चर्चा करेगी।

पार्टी उपाध्यक्ष ने बताया कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी का शुभारंभ पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह के उद्घाटन भाषण और समापन आडवाणी के मार्गदर्शन वक्तव्य से होगा। कार्यकारिणी की बैठक में राजनीतिक और आर्थिक प्रस्ताव के अलावा आंतरिक सुरक्षा और नोट के बदले वोट कांड के रूप में उभरे राजनीतिक भ्रष्टाचार पर प्रस्ताव लाए जा सकते हैं।

आडवाणी को पहले ही प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बनाने की घोषणा कर चुकी भाजपा अपने शासन वाले तीन राज्यों मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भी वर्तमान मुख्यमंत्रियों को अगले मुख्यमंत्री के रूप में पेश कर रही है। इन राज्यों में नवंबर में चुनाव होने जा रहे हैं। भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावडेकर ने कहा कि पार्टी का यह अनुभव रहा है कि मुख्यमंत्री के रूप में किसी नेता को पेश करने से लाभ मिलता है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में वसुंधरा राजे, मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह चौहान और छत्तीसगढ़ में रमन सिंह को फिर से मुख्यमंत्री के रूप में पेश किया जा रहा है क्योंकि भाजपा उनके कामकाज से काफी खुश है। जावडेकर ने कहा कि भाजपा ने कर्नाटक, गुजरात और हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री के रूप में दावेदार पहले से ही पेश किए थे और उसको इसका लाभ भी मिला।

गुजरात के चुनाव में कांग्रेस द्वारा किसी भी नेता को उम्मीदवार के रूप में नहीं पेश करने के फैसले का नरेंद्र मोदी ने यह कहकर फायदा उठाया कि वह कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ लड़ रहे हैं।




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