आडवाणी ने केंद्र सरकार को ललकारा

 
Oct 06, 08:17 pm

नई दिल्ली। भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी ने उड़ीसा में राष्ट्रपति शासन लगाने की संभावना वाले केंद्रीय गृहमंत्री शिवराज पाटिल के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए चेतावनी दी कि यदि संविधान का दुरुपयोग किया गया तो यह कांग्रेस को बहुत ही मंहगा पड़ेगा।

आडवाणी सोमवार को यहा विजय संकल्प रैली में कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एक ओर उड़ीसा में राष्ट्रपति शासन लगाने की धमकी दी जा रही है, लेकिन असम में बांग्लादेशी घुसपैठियों द्वारा असमी लोगों को मारने पर चुप्पी साधी हुई है। असमियों को मारा जा रहा है और उन्हें अपना ही राज्य छोड़ने के लिए कहा जा रहा है। पश्चिम बंगाल में नंदीग्राम में क्या नहीं हुआ पर उस पर केंद्र चुप रहा।

भाजपा नेता ने कहा कि उड़ीसा में जो घटनाएं हुई उन्होंने स्वयं उनकी निंदा की है और इस संबंध में अनेक ईसाई नेताओं से बातचीत की है। वहां की पटनायक सरकार ने तुरंत कदम उठाए हैं और जांच समिति गठित कर दी। लेकिन हमारे गृहमंत्री राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की बात कह रहे है। असम पर वह चुप क्यों हैं।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार वोट बैंक की राजनीति कर रही है। इसी कारण आतंकियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई करने में हिचक रही है। सख्त कानून नहीं बना रही है। सच्चाई यह है कि उसका इरादा आतंकवाद को समाप्त करना नहीं, बल्कि केवल वोट बैंक की राजनीति करना है।

आडवाणी ने कहा कि आतंकवाद के मसले पर भाजपा की सोच बिलकुल स्पष्ट है कि देश में आतंकवाद को किसी भी हालत में नहीं पनपने देना है। हमें इसके लिए वोट बैंक की कोई चिंता नहीं है।

भाजपा नेता ने कहा कि जब कश्मीर में अमरनाथ मंदिर श्राइन बोर्ड को भूमि देने की बात आई तो वहां के मुस्लिम भाइयों ने उसका विरोध नहीं किया। अगर विरोध किया तो हुर्रियत कांफ्रेंस और पीडीपी ने किया तथा विरोध में पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए। लेकिन केंद्र ने ऐसा करने वालों के खिलाफ कोई सख्त कदम नहीं उठाया।

आडवाणी ने इस बात पर दुख व्यक्त किया कि आतंकियों के मुकाबले में शहीद हुए पुलिस अधिकारी एम सी शर्मा के बलिदान पर सोमवार को कुछ दलों द्वारा राजनीतिक हित के लिए प्रश्न चिह्न लगाया जा रहा है। इससे बड़े दुख की और क्या बात हो सकती है।

उन्होंने कहा कि राजधानी में पिछले कुछ दिनों में जो घटनाएं हुई है उससे दिल्ली के नागरिकों का केंद्र और दीक्षित सरकार से विश्वास उठ गया है। वह अब किसी भी प्रकार से बदलाव चाहती है। इस सरकार से छुटकारा चाहती है।

भाजपा नेता ने विश्वास दिलाते हुए कहा कि मल्होत्रा एक कर्मठ और कुशल नेता है उनके नेतृत्व में निश्चित रूप से दिल्ली का विकास होगा और यहां के नागरिकों को सभी प्रकार की आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।




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