लखनऊ। [जाब्यू]। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे की गिरफ्तारी को उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने नाटक की संज्ञा दी है और कहा है कि ठाकरे जिस प्रकार साल भर से उत्तर भारतीयों के बारे में विष वमन कर रहे हैं तथा उनके समर्थकों द्वारा हमले किए जा रहे उससे तो उसे बहुत पहले ही गिरफ्तार कर लेना चाहिये था।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार ने जानबूझ कर ऐसा नहीं किया जिससे उत्तर भारतीयों पर अत्याचार होते रहे और लोग वहां से पलायन करते गए। यह प्रवृत्ति बन्द नहीं हुई तो ठाकरे को यह नहीं भूलना चाहिए कि देशभर में महाराष्ट्र के जो लोग रहते हैं उनके साथ भी ऐसा व्यवहार हो सकता है।
मंगलवार की शाम अपने आवास पर बुलाए गए संवाददाता सम्मेलन में मायावती ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार राज ठाकरे के सामने घुटने टेक चुकी है तभी तो मामूली धाराओं में उनकी गिरफ्तारी की गई है। जबकि जिस तरह से वह संविधान विरोधी काम कर रहा है और जिस प्रकार से देश की एकता व अखंडता को तोड़ने में लगा है उस पर तो संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज करके उसे जेल भेजा जाना चाहिए था। मायावती ने कहा कि उनकी पार्टी राज ठाकरे के कृत्य की निन्दा तो करती ही है साथ में कांग्रेस को भी ऐसे घटिया खेल खेलने के प्रति सावधान करती है। उन्होंने चुनाव आयोग से अपील की कि ऐसा काम, जो संविधान की परिधि में नहीं आता, करने वाले ठाकरे तथा उनकी पार्टी पर तत्काल प्रतिबन्ध लगाया जाये। उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि इतने दिनों से जब उत्तर भारतीयों पर जुल्म होता रहा तो वह कहां सो गई थी। वह चुप क्यों थी। उसी समय ठाकरे पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई। क्या लोकसभा चुनाव नजदीक आने के कारण किसी सोची समझी रणनीति के तहत ऐसा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश की जनता कांग्रेस की इस चाल को समझ चुकी है। वह इनके झांसे में आने वाली नहीं। महाराष्ट्र सरकार द्वारा जिस प्रकार उत्तर भारत के लोगों को अपमानित कराया जाता रहा उसका बदला लोग चुनाव में जरूर लेंगे। उन्होंने भाजपा पर भी निशाना साधा और कहा कि वह इस मुद्दे पर चुप है। उसने ठाकरे के खिलाफ कार्रवाई की मांग क्यों नहीं की। उन्होंने कहा कि आज जब चुनाव नजदीक है तो सारी पार्टियां घड़ियाली आंसू बहा रही हैं। उन्हें डर है कि लम्बे समय तक चुप्पी साधने का खामियाजा कहीं लोकसभा चुनाव में न भुगतना पड़े। कांग्रेस नवनिर्माण सेना के साथ जो नूराकुश्ती कर रही है। उसे देशवासी समझ चुके हैं। महाराष्ट्र के लोग पूरे देश में रहते हैं। कल को उनके ऊपर भी ऐसी मुसीबत न आ जाए तो क्या होगा। यह चिंता सबको करनी चाहिए वरना देश की एकता छिन्न भिन्न हो जाएगी।